CAA का विरोध करने पर जर्मन छात्र को भेजा वापस, मई में पूरी हो रही थी पढ़ाई

iit madrass
CAA का विरोध करने पर जर्मन छात्र को भेजा वापस, मई में पूरी हो रही थी पढ़ाई

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होना मद्रास आईआईटी के एक छात्र को मंहगा पड़ गया। अब जर्मन छात्र जैकोब लिंडेंथल को अपने देश वापस जाने के लिए कहा है। वो फिजिक्‍स से एमएससी कर रहा था। बताया जा रहा है कि जैकोब ने पिछले सप्‍ताह नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चेन्‍नै में हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्‍सा लिया था।

German Student Sent Back For Opposing Caa Completing Studies In May :

बता दें कि अभी उनकी एक सेमेस्‍टर की पढ़ाई आईआईटी मद्रास में बची हुई है। कालेज की मानें तो इस छात्र को मई 2020 में वापस जाना था। आव्रजन विभाग और आईआईटी मद्रास द्वारा फैसले से अवगत कराए जाने के बाद जैकोब सोमवार शाम को अपने देश जर्मनी रवाना हो गए।

एक सप्ताह पहले चेन्‍नै के वल्‍लूवरकोट्टम में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एक प्‍लेकार्ड हाथ में लिया था। इसमें यहूदियों पर नाजियों के अत्‍याचार की ओर इशारा किया गया था। जब पत्रकारों ने इस बारे में बात की तो उसने कहा कि ‘हां, यह सही है।

वहीं इस मामले में आव्रजन विभाग के सूत्रों का कहना है कि एक विदेशी नागरिक द्वारा राजनीतिक गतिविधि या विरोध प्रदर्शन में हिस्‍सा लेना, वीजा नियमों का उल्‍लंघन है। उन्‍होंने कहा, ‘इस तरह के उल्‍लंघन पर विदेशी नागरिक को उसके देश वापस भेज दिया जाता है। हमने एक जांच भी की है।’

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होना मद्रास आईआईटी के एक छात्र को मंहगा पड़ गया। अब जर्मन छात्र जैकोब लिंडेंथल को अपने देश वापस जाने के लिए कहा है। वो फिजिक्‍स से एमएससी कर रहा था। बताया जा रहा है कि जैकोब ने पिछले सप्‍ताह नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चेन्‍नै में हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्‍सा लिया था। बता दें कि अभी उनकी एक सेमेस्‍टर की पढ़ाई आईआईटी मद्रास में बची हुई है। कालेज की मानें तो इस छात्र को मई 2020 में वापस जाना था। आव्रजन विभाग और आईआईटी मद्रास द्वारा फैसले से अवगत कराए जाने के बाद जैकोब सोमवार शाम को अपने देश जर्मनी रवाना हो गए। एक सप्ताह पहले चेन्‍नै के वल्‍लूवरकोट्टम में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एक प्‍लेकार्ड हाथ में लिया था। इसमें यहूदियों पर नाजियों के अत्‍याचार की ओर इशारा किया गया था। जब पत्रकारों ने इस बारे में बात की तो उसने कहा कि 'हां, यह सही है। वहीं इस मामले में आव्रजन विभाग के सूत्रों का कहना है कि एक विदेशी नागरिक द्वारा राजनीतिक गतिविधि या विरोध प्रदर्शन में हिस्‍सा लेना, वीजा नियमों का उल्‍लंघन है। उन्‍होंने कहा, 'इस तरह के उल्‍लंघन पर विदेशी नागरिक को उसके देश वापस भेज दिया जाता है। हमने एक जांच भी की है।'