गाजीपुर हिंसा: सिपाही की मौत के मामले में अब तक 20 गिरफ्तार

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गाजीपुर हिंसा: सिपाही की मौत के मामले में अब तक 20 गिरफ्तार

गाजीपुर। यूपी के बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा में एक पुलिसकर्मी की मौत को लोग भूले भी नहीं थे कि शनिवार को एक और पुलिसकर्मी भीड़ का शिकार हो गया। गाजीपुर के नौनेरा क्षेत्र में शनिवार को हुई पत्थरबाजी की घटना में एक पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश वत्स शहीद हो गए। अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को पहले गिरफ्तार किया था और इस मामले में नौ लोगों को और गिरफ्तार किया है।

Ghazipur 20 People Arrested In Constable Death In Stone Pelting Till Now :

यूपी पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने रविवार को यहां बताया कि गाजीपुर में शनिवार को हुए पथराव में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप सिंह वत्स की मृत्यु अत्यन्त दुखद है। इस मामले में दर्ज हुए तीन मुकदमों में अब तक कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत 32 नामजद और 70 से 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्‍य आरोपी पर एनएसए लगाया जाएगा। अपराधियों के विरुद्ध कठोर से कठोर धारा लगाकर कार्रवाई किया जाएगी।

पीएम मोदी के कार्यक्रम से लौट रहे पुलिकर्मियों पर भीड़ के पथराव में कांस्टेबल की मौत के मामले में 32 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। कल आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे निषाद समाज के लोगों को हटाने गई पुलिस पर पथराव किया गया था। हालांकि बवाल पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद बोले कि घटना के पीछे बीजेपी का हाथ है।

इसके बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर मामले पर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लापरवाही से घटना घटी है। सीएम खुद कहते हैं ठोक दो लेकिन लोग समझ नहीं पाते कि ठोकना किसे है।

गाजीपुर। यूपी के बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा में एक पुलिसकर्मी की मौत को लोग भूले भी नहीं थे कि शनिवार को एक और पुलिसकर्मी भीड़ का शिकार हो गया। गाजीपुर के नौनेरा क्षेत्र में शनिवार को हुई पत्थरबाजी की घटना में एक पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश वत्स शहीद हो गए। अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को पहले गिरफ्तार किया था और इस मामले में नौ लोगों को और गिरफ्तार किया है। यूपी पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने रविवार को यहां बताया कि गाजीपुर में शनिवार को हुए पथराव में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप सिंह वत्स की मृत्यु अत्यन्त दुखद है। इस मामले में दर्ज हुए तीन मुकदमों में अब तक कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत 32 नामजद और 70 से 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्‍य आरोपी पर एनएसए लगाया जाएगा। अपराधियों के विरुद्ध कठोर से कठोर धारा लगाकर कार्रवाई किया जाएगी। पीएम मोदी के कार्यक्रम से लौट रहे पुलिकर्मियों पर भीड़ के पथराव में कांस्टेबल की मौत के मामले में 32 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। कल आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे निषाद समाज के लोगों को हटाने गई पुलिस पर पथराव किया गया था। हालांकि बवाल पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद बोले कि घटना के पीछे बीजेपी का हाथ है। इसके बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर मामले पर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लापरवाही से घटना घटी है। सीएम खुद कहते हैं ठोक दो लेकिन लोग समझ नहीं पाते कि ठोकना किसे है।