दिल्ली: शेल्टर होम में सजा के नाम पर पार की इंसानियत की सारी हदें

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दिल्ली: शेल्टर होम में सजा के नाम पर पार की इंसानियत की सारी हदें

नई दिल्ली। दिल्ली के एक शेल्टर होम में सजा के नाम पर संचालकों ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दी। यहां रहने वाली मासूम लड़कियों से अगर कोई गलती हो जाए या फिर कोई काम करने से इंकार कर दें तो उन्हे मिर्च खिलाने के साथ ही उनके नाजुक अंगों में मिर्च पाउडर डाला जा रहा था। इस दरिंदगी का खुलासा तब हुआ जब बीती 27 दिसंबर को दिल्ली महिला आयोग की एक टीम शेल्टर होम का निरीक्षण करने पहुंची। उन्हे टीम को देखते ही बच्चियों ने उनसे अपना दर्द बयां किया तो सभी ने अपने दांतों तले उंगली दबा ली।

Girls Abused By Staff Of A Shelter Home At Dwarka Area Delhi :

फिलहाल समिति की शिकायत पर द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने पॉक्सो व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु कर दी है। हालाकि अभी त​क इस मामले में किसी को पकड़ा नहीं जा सका है।

बता दें कि दिल्ली सरकार की सलाह पर दिल्ली महिला आयोग ने एक समिति का गठन किया है। जिसे सभी सरकारी व प्राइवेट शेल्टर होम्स में जाकर जांच और जरूरी सलाह देने को कहा गया था। टीम द्वारका स्थित एक शेल्टर होम पहुंची तो वहां रहने वालीं छह से नौ वर्ष, दस से 13 वर्ष व 13 से 15 वर्ष की बच्चियों से अकेले में बात की तो बड़ी उम्र की लड़कियों ने बताया कि उनसे सारे घरेलू काम करवाए जाते हैं और निजी अंगों में मिर्च पाउडर लगाया जाता है।

विशेषज्ञ समिति ने इस रिपोर्ट को दिल्ली महिला आयोग प्रमुख स्वाती मालीवाल के साथ भी साझा किया, जिसके बाद मालिवाल ने द्वारका के डिप्टी कमिश्नर को फोन किया और खुद शेल्टर होम पहुंच गईं। जिसके बाद पुलिस ने भी बच्च्यिों से बयान दर्ज करवाए।

नई दिल्ली। दिल्ली के एक शेल्टर होम में सजा के नाम पर संचालकों ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दी। यहां रहने वाली मासूम लड़कियों से अगर कोई गलती हो जाए या फिर कोई काम करने से इंकार कर दें तो उन्हे मिर्च खिलाने के साथ ही उनके नाजुक अंगों में मिर्च पाउडर डाला जा रहा था। इस दरिंदगी का खुलासा तब हुआ जब बीती 27 दिसंबर को दिल्ली महिला आयोग की एक टीम शेल्टर होम का निरीक्षण करने पहुंची। उन्हे टीम को देखते ही बच्चियों ने उनसे अपना दर्द बयां किया तो सभी ने अपने दांतों तले उंगली दबा ली।फिलहाल समिति की शिकायत पर द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने पॉक्सो व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु कर दी है। हालाकि अभी त​क इस मामले में किसी को पकड़ा नहीं जा सका है।बता दें कि दिल्ली सरकार की सलाह पर दिल्ली महिला आयोग ने एक समिति का गठन किया है। जिसे सभी सरकारी व प्राइवेट शेल्टर होम्स में जाकर जांच और जरूरी सलाह देने को कहा गया था। टीम द्वारका स्थित एक शेल्टर होम पहुंची तो वहां रहने वालीं छह से नौ वर्ष, दस से 13 वर्ष व 13 से 15 वर्ष की बच्चियों से अकेले में बात की तो बड़ी उम्र की लड़कियों ने बताया कि उनसे सारे घरेलू काम करवाए जाते हैं और निजी अंगों में मिर्च पाउडर लगाया जाता है।विशेषज्ञ समिति ने इस रिपोर्ट को दिल्ली महिला आयोग प्रमुख स्वाती मालीवाल के साथ भी साझा किया, जिसके बाद मालिवाल ने द्वारका के डिप्टी कमिश्नर को फोन किया और खुद शेल्टर होम पहुंच गईं। जिसके बाद पुलिस ने भी बच्च्यिों से बयान दर्ज करवाए।