कॉलेज का हैरान करने वाला फैसला, कपड़े बदलते वक़्त छात्राएं दरवाजा बंद नहीं कर सकती

केरल। यहां के एक नर्सिंग कॉलेज ने छात्राओं को लेकर ऐसा फरमान सुनाया है जिसे सुन आप भी हैरान रह जाएंगे। राज्य के कोल्लम के नर्सिंग कॉलेज में हॉस्टल कि छात्राओ को आदेश दिया है कि वें कपड़े बदलते समय भी कमरे का दरवाजा न बंद करे। इस फैसले के बाद यहां विरोध के सुर तेज़ हो गए है। इस शर्मनाक निर्णय का विरोध करने के लिए कोल्लम के उपासना कॉलेज ऑफ नर्सिंग के स्टूडेंट्स बीते शुक्रवार से कैम्पस के बाहर धरना दे रहे हैं। धरना देने वालों में अधिकतर छात्राएं हैं।



Girls Students Dont Shut Door While Changing Dress Main National News Creu :

कॉलेज को उपासना चेरिटेबल ट्रस्ट चलाता है, जिसके कर्ताधर्ता अरबपति कारोबारी रवि पिल्लई है। कॉलेज के चौथे वर्ष की छात्र का कहना है, हॉस्टल की छात्राओं से कहा गया है कि वे अपने कमरों को तब भी बंद ना रखें, जब वो कपड़े चेंज कर रही हों। इस स्थिति में वे दरवाजे के पास कुर्सी रख सकती हैं।



इन छात्राओं का आरोप है कि प्रिंसिपल एमपी जेसीकुट्टी उन पर शक करती हैं कि कमरा बंद होने पर मोबाइल से बात की जाती है या समलैंगिक संबंधों जैसी अनैतिक गतिविधियां होती है। इतना ही नहीं लाइब्रेरी में इंटरनेट की सुविधा को भी बंद कर दिया है। इन छात्राओं का मांग है, कॉलेज मैनेजमेंट जल्द प्रिंसिपल जेसीकुट्टी का इस्तीफा ले। इसके साथ ही उनका आरोप है कि उनसे कई कारणों से जुर्माना वसूला जाता है जैसे कि छुट्टी लेना, बाल बढ़ाना, नाखून रखना आदि। इसके अलावा कैम्पस में मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।

केरल। यहां के एक नर्सिंग कॉलेज ने छात्राओं को लेकर ऐसा फरमान सुनाया है जिसे सुन आप भी हैरान रह जाएंगे। राज्य के कोल्लम के नर्सिंग कॉलेज में हॉस्टल कि छात्राओ को आदेश दिया है कि वें कपड़े बदलते समय भी कमरे का दरवाजा न बंद करे। इस फैसले के बाद यहां विरोध के सुर तेज़ हो गए है। इस शर्मनाक निर्णय का विरोध करने के लिए कोल्लम के उपासना कॉलेज ऑफ नर्सिंग के स्टूडेंट्स बीते शुक्रवार से कैम्पस के बाहर धरना दे रहे हैं। धरना देने वालों में अधिकतर छात्राएं हैं। कॉलेज को उपासना चेरिटेबल ट्रस्ट चलाता है, जिसके कर्ताधर्ता अरबपति कारोबारी रवि पिल्लई है। कॉलेज के चौथे वर्ष की छात्र का कहना है, हॉस्टल की छात्राओं से कहा गया है कि वे अपने कमरों को तब भी बंद ना रखें, जब वो कपड़े चेंज कर रही हों। इस स्थिति में वे दरवाजे के पास कुर्सी रख सकती हैं। इन छात्राओं का आरोप है कि प्रिंसिपल एमपी जेसीकुट्टी उन पर शक करती हैं कि कमरा बंद होने पर मोबाइल से बात की जाती है या समलैंगिक संबंधों जैसी अनैतिक गतिविधियां होती है। इतना ही नहीं लाइब्रेरी में इंटरनेट की सुविधा को भी बंद कर दिया है। इन छात्राओं का मांग है, कॉलेज मैनेजमेंट जल्द प्रिंसिपल जेसीकुट्टी का इस्तीफा ले। इसके साथ ही उनका आरोप है कि उनसे कई कारणों से जुर्माना वसूला जाता है जैसे कि छुट्टी लेना, बाल बढ़ाना, नाखून रखना आदि। इसके अलावा कैम्पस में मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।