गोल्डन सिटी के नाम से मशहूर है ये शहर, सर्दियों में होती है डेजर्ट सफारी

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Golden City Jaisalmer Beautiful Place To Visit In Winter

गोल्डन सिटी के नाम से मशहूर जैसलमैर हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। ये खूबसूरत शहर सुदंर किलों, जैन मंदिरों और हवेलियों से पटा पड़ा है। इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों लोगों के लिए तो यह एक खास जगह है। यहां घूमने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा होता है।

खूबसूरत शहर जैसलमेर बारहवीं शताब्दी में रावल जैसल के द्वारा बसाया गया था। कहा जाता है कि भाट्टी राजपूतों ने इस शहर को इतना खूबसूरत बनाया कि अब यहाँ दुनिया भर के लोग घूमने के लिए आते हैं। आइए जानते क्या है जैसलमेर की खूबसूरती…

जैसलमेर किला : जैसलमेर की शान है जैसलमैर का किला। और इसे गोल्डन फोर्ट भी कहा जाता है जिसका निर्माण 1156 में राजा जैसल नें करवाया था। इसमें बेहद ही खूबसूरत तरीके से पीले और सुनहरे पत्थरों का प्रयोग किया गया है।

बड़ा बागः सुंदर स्थाप्त्य कला का बेजोड नमूना है जैसलमेर का बड़ा बाग। बड़ा बाग एक विशाल पार्क अपने शाही स्मारकों या छतरियों के लिए प्रसिद्ध है जिसे विभिन्न भट्टी शासकों द्वारा निर्मित किया गया। सब के बीच, राजा महारावल जैत सिंह की कब्र सबसे प्राचीन स्मारक है। यह जगह जैसलमेर शहर से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। फोटोग्राफी का शौक रखने वालों के लिए ये बेहद खूबसूरत जगह है।

पटवाें की हवेलीःजैसा नाम वैसी ही है हवेली। बिल्कुल राजा- राजवड़ों की शानो-शौकत से लबालब। ये पांच मंजिला हवेली आपका ध्यान कुछ इस तरह आकर्षित करती है। पटवों की हवेली पटवा परिसर के पास स्थित है और जैसलमेर की पहली हवेली है। पूरे परिसर में पाँच हवेलियों है जिन्हें गुमन चंद पटवा द्वारा 1805 ई0 में अपने पांच बेटों के लिए बनवाया गया था। इस पीले बलुआ पत्थर की इमारत के निर्माण में 50 साल लग गए। वर्तमान में, यहाँ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का कार्यालय और राज्य कला और शिल्प विभाग स्थित हैं।पर्यटक जैसलमेर शहर से एक रिक्शे के द्वारा इस स्मारक तक पहुँच सकते हैं।

सलीम सिंह की हवेलीः इस खूबसूरत इमारत को सलीम सिंह के द्वारा 1815 ई0 में बनाया गया था। इसे जहाजमहल भी कहा जाता है क्योंकि इसके सामने का हिस्सा एक जहाज की तरह दिखता है। इमारत की छत धनुषाकार और नीले कपोलों के साथ ढकी हुई है। पर्यटक नक्काशीदार कोष्ठकों से सजी छत, जो एक मोर जैसी दिखती है, को देख सकते हैं। इस इमारत में 38 बाल्कनी हैं जिनका डिजाइन एक दूसरे से पूरी तरह अलग है। इमारत का प्रवेश द्वार कई हाथियों द्वारा संरक्षित है।

थार हेरिटेज म्यूजियमः ये म्यूजियम टूरिस्टस के बीच बेहद फेमस है और जो लोग आर्ट, कल्चर और आर्किटेक्चर बगैरह में खास रुचि रखते हैं उन्हें यहाँ जरुर आना चाहिए। यहाँ आप पुराने सिक्के, पेन्टिंग्स और बहुत कुछ है खास जो आप यहाँ देख सकते हैं।

कैमल सवारीः जैसलमैर की कैमल सवारी अपने आप में खास है, दूर-दूर तक फैले रेगिस्तान में सजे हुए ऊँटों पर सवारी का मजा की कुछ आैर आता है। अगर आप जैसलमेर में घूम रहे हैं तो यहाँ की ऊँट की सवारी करना कतई ना भूलें क्योंकि ये आपकी यात्रा को यादगार बना देगी।

मूल सागरः मूल सागर सरोवर का निर्माण महारावल मूलराज ने करवाया था। मूल सागर में बाग व बनाये गये कृत्रिम झरने श्रीनगर के निशात एवं शालीमार बाग की संक्षिप्त झलक देते हैं।

कैसे पहुंचेः सड़क मार्ग द्वारा जयपुर से 558 किमी, अहमदाबाद से 626 किमी, दिल्ली से 864 किमी, आगरा से 802 किमी, मुंबई से 1177 किमी पर स्थित है। यहां घूमने के लिए नवम्बर से मार्च तक का मौसम उपयुक्त रहता। क्योंकि गर्मियों के मौसम में यहां बहुत गर्मी होती है।

गोल्डन सिटी के नाम से मशहूर जैसलमैर हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। ये खूबसूरत शहर सुदंर किलों, जैन मंदिरों और हवेलियों से पटा पड़ा है। इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों लोगों के लिए तो यह एक खास जगह है। यहां घूमने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा होता है। खूबसूरत शहर जैसलमेर बारहवीं शताब्दी में रावल जैसल के द्वारा बसाया गया था। कहा जाता है कि भाट्टी राजपूतों ने इस शहर को इतना खूबसूरत बनाया…