गोमती​ रिवर फ्रंट घोटाले में 24 घंटे के भीतर होगी बड़ी कार्रवाई:सिंचाई मंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में हो रही जांच में अब तक की कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा है कि संभवत: आने वाले 24 घंटे के भीतर विभाग कुछ बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाला है। जो भी अधिकारी इस घोटाले में दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी। अगर कोई यह कहता है कि केवल यादवों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो ऐसा कहना सरासर गलत है क्योंकि कार्रवाई केवल भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ही होगी।



सूत्रों की माने तो मंत्री ने जिस तरह से संकेत दिए है उसके मुताबिक गोमती रिवर फ्रंट मामले में रिटायर हो चुके पूर्व परियोजना प्रबंधक रूप सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। रूप सिंह के अलावा इस भ्रष्टाचार में संलिप्त रहे करीब आठ इंजीरियरों के खिलाफ विभाग कार्रवाई की संतुति कर सकता है।



मीडिया से मुखातिब हो रहे सिंचाई मंत्री ने गोमती रिवर फ्रंट में सामने आई अनियमितताओं को लेकर कहा कि जिस गोमती के सौन्दर्यीकरण के नाम पर दो साल के भीतर 1400 करोड़ खर्च कर दिए गए, उस नदी का पानी तक स्वच्छ नहीं हो पाया इससे बड़ी अनियमितता क्या हो सकती है? करोड़ों रूपए विदेशी फाउंटेन और वाटर बसों की खरीद पर खर्च कर दिए, लेकिन जो काम होना था वह 60 फीसदी ही कर पाए हैं।

गोमती रिवर फ्रंट के भविष्य के बारे में बताते हुए सिंचाई मंत्री ने कहा कि मई के महीने में गोमती में साफ पानी दिखने लगेगा। पानी का स्तर वह होगा कि वह स्वयं उससे आचमन करके दिखाएंगे। अधूरे कामों को पूरा कराने के बारे में मंत्री ने कहा कि इस योजना के नाम पर 900 करोड़ का बजट नई सरकार से मांगा गया। जिसमें 300 करोड़ फाउंटेन और बसों के नाम पर बढ़ाया गया था। जिसे सरकार ने हटा दिया है। बाकी बजट और शेष काम का आंकलन किया जा रहा है जितना आवश्यक होगा विभाग उस बजट को पास कर देगा।

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