Good Friday 2019: जानिए क्या है गुड फ्राइडे और इससे जुड़ी कुछ खास बातें

Good Friday 2019
Good Friday 2019: गुड फ्राइडे के मौके पर WhatsApp और Facebook पर लगाएं ये Status

नई दिल्ली।ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे का विशेष महत्व् होता है। इस दिन ईसाई धर्म को मानने वाले अनुयायी चर्च जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। मान्यता है कि इसी दिन ईसाइयों के आराध्य प्रभु ईसा मसीह ने मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस बार यह त्यो्हर 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है।

Good Friday 2019 Do You Know The Facts Of Good Friday :

जाने क्या है गुड फ्राइडे

ईसाई धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि यीशु का कोई दोष नहीं था फिर भी उन्हें क्रॉस पर लटकाकर मारने का दंड दिया गया था। अपने हत्यारों की उपेक्षा करने के बजाए यीशु ने उनके लिए प्रार्थना करते हुए कहा था, ‘हे ईश्वॉर! इन्हें क्षमा करें क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।’ जिस दिन ईसा मसीह को क्रॉस पर लटकाया गया था उस दिन फ्राइडे यानी शुक्रवार का दिन था और उसी दिन को गुड फ्राइडे कहा जाता है। क्रॉस पर लटकाए जाने के दो दिन बाद यानी रविवार को ईसा मसीह फिर से जीवित हो उठे थे। इस दिन को ईस्टार संडे कहा जाता है। बता दें कि गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता हैं।

ऐसे मनाते हैं गुड फ्राइडे

वैसे तो गुड फ्राइडे की तैयारी प्रार्थना और उपवास के रूप में 40 दिन पहले ही शुरू हो जाती है। इस दौरान शाकाहारी और सात्विक भोजन पर जोर दिया जाता है। फिर गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म को मानने वाले अनुयायी गिरजाघर जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। इस दिन भक्त उपवास के साथ प्रार्थना और मनन करते हैं। चर्च और घरों से सजावट की वस्तुएं हटा ली जाती हैं या उन्हें कपडे़ से ढक दिया जाता है। गुड फ्राइडे के दिन ईसा के अंतिम सात वाक्यों की विशेष व्याख्या की जाती है जो क्षमा, मेल-मिलाप, सहायता और त्याग पर केंद्रित हैं। कुछ जगहों पर लोग काले कपड़े धारण कर यीशु के बलिदान दिवस पर शोक भी व्यक्त करते हैं।

नई दिल्ली।ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे का विशेष महत्व् होता है। इस दिन ईसाई धर्म को मानने वाले अनुयायी चर्च जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। मान्यता है कि इसी दिन ईसाइयों के आराध्य प्रभु ईसा मसीह ने मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस बार यह त्यो्हर 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है। जाने क्या है गुड फ्राइडे ईसाई धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि यीशु का कोई दोष नहीं था फिर भी उन्हें क्रॉस पर लटकाकर मारने का दंड दिया गया था। अपने हत्यारों की उपेक्षा करने के बजाए यीशु ने उनके लिए प्रार्थना करते हुए कहा था, 'हे ईश्वॉर! इन्हें क्षमा करें क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।' जिस दिन ईसा मसीह को क्रॉस पर लटकाया गया था उस दिन फ्राइडे यानी शुक्रवार का दिन था और उसी दिन को गुड फ्राइडे कहा जाता है। क्रॉस पर लटकाए जाने के दो दिन बाद यानी रविवार को ईसा मसीह फिर से जीवित हो उठे थे। इस दिन को ईस्टार संडे कहा जाता है। बता दें कि गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता हैं। ऐसे मनाते हैं गुड फ्राइडे वैसे तो गुड फ्राइडे की तैयारी प्रार्थना और उपवास के रूप में 40 दिन पहले ही शुरू हो जाती है। इस दौरान शाकाहारी और सात्विक भोजन पर जोर दिया जाता है। फिर गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म को मानने वाले अनुयायी गिरजाघर जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। इस दिन भक्त उपवास के साथ प्रार्थना और मनन करते हैं। चर्च और घरों से सजावट की वस्तुएं हटा ली जाती हैं या उन्हें कपडे़ से ढक दिया जाता है। गुड फ्राइडे के दिन ईसा के अंतिम सात वाक्यों की विशेष व्याख्या की जाती है जो क्षमा, मेल-मिलाप, सहायता और त्याग पर केंद्रित हैं। कुछ जगहों पर लोग काले कपड़े धारण कर यीशु के बलिदान दिवस पर शोक भी व्यक्त करते हैं।