खुशखबरी : अब महिला शिक्षामित्रों को भी मिलेगा छह माह का मातृत्व अवकाश

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खुशखबरी : अब महिला शिक्षामित्रों को भी मिलेगा छह माह का मातृत्व अवकाश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला शिक्षामित्रों, महिला अंशकालिक अनुदेशकों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में संविदा पर कार्यरत महिला शिक्षिकाओं की मांग पूरी कर ​ली है। अब इन्हे भी नियमित शिक्षिकाओं की तरह छह माह का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। खास बात ये है कि इस दौरान उन्हे मानदेय भी दिया जाएगा। सरकार ने सोमवार को इस संबंध में शासनदेश जारी कर दिया गया।

Good News Now Women Education Students Will Also Get Maternity Leave Of Six Months :

बता दें कि महिला शिक्षामित्रों को मातृत्व अवकाश दिए जाने को लेकर काफी दिनों से मांग की जा रही थी। इस फैसले के बाद से प्रदेश में कार्यरत करीब 70-80 हजार महिला शिक्षामित्रों को लाभ होगा। प्रदेश मौजूदा वक्त कुल 1.58 लाख शिक्षामित्रों में से 60 फीसदी महिलाएं हैं। अभी तक उन्हें बिना मानदेय के छुट्टी मिलती थी। सरकार के इस फैसले के बाद आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही ने सरकार को धन्यवाद दिया है।

महिला शिक्षामित्रों को अभी तक तीन महीने का प्रसूति अवकाश मिलता था, लेकिन इसमें भी शर्त थी। महिला शिक्षामित्र के परिवार के ही इंटर पास किसी व्यक्ति को ग्राम शिक्षा समिति द्वारा प्रस्ताव पास करके विद्यालय में पढ़ाना पड़ता था। यदि परिवार में कोई नहीं मिलता था तो मानदेय की कटौती हो जाती थी। नए शासनादेश ने अब उन्हें नियमित शिक्षकों की तरह ही मातृत्व अवकाश मिलेगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला शिक्षामित्रों, महिला अंशकालिक अनुदेशकों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में संविदा पर कार्यरत महिला शिक्षिकाओं की मांग पूरी कर ​ली है। अब इन्हे भी नियमित शिक्षिकाओं की तरह छह माह का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। खास बात ये है कि इस दौरान उन्हे मानदेय भी दिया जाएगा। सरकार ने सोमवार को इस संबंध में शासनदेश जारी कर दिया गया। बता दें कि महिला शिक्षामित्रों को मातृत्व अवकाश दिए जाने को लेकर काफी दिनों से मांग की जा रही थी। इस फैसले के बाद से प्रदेश में कार्यरत करीब 70-80 हजार महिला शिक्षामित्रों को लाभ होगा। प्रदेश मौजूदा वक्त कुल 1.58 लाख शिक्षामित्रों में से 60 फीसदी महिलाएं हैं। अभी तक उन्हें बिना मानदेय के छुट्टी मिलती थी। सरकार के इस फैसले के बाद आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही ने सरकार को धन्यवाद दिया है। महिला शिक्षामित्रों को अभी तक तीन महीने का प्रसूति अवकाश मिलता था, लेकिन इसमें भी शर्त थी। महिला शिक्षामित्र के परिवार के ही इंटर पास किसी व्यक्ति को ग्राम शिक्षा समिति द्वारा प्रस्ताव पास करके विद्यालय में पढ़ाना पड़ता था। यदि परिवार में कोई नहीं मिलता था तो मानदेय की कटौती हो जाती थी। नए शासनादेश ने अब उन्हें नियमित शिक्षकों की तरह ही मातृत्व अवकाश मिलेगा।