नोबेल पुरस्कार विजेता Lev Landau के जन्मदिन पर GOOGLE ने बनाया खास DOODLE

नोबेल पुरस्कार विजेता Lev Landau के जन्मदिन पर GOOGLE ने बनाया खास DOODLE
नोबेल पुरस्कार विजेता Lev Landau के जन्मदिन पर GOOGLE ने बनाया खास DOODLE

नई दिल्ली। GOOGLE (गूगल) ने आज नोबेल पुरस्कार विजेता Lev Landau (लेव लैंडाउ) के 111वें जन्मदिन के मौके पर उन्हें याद करते हुए खास डूडल बनाया है। लेव लैंडाउ भौतिक और गणित विषय के जानकार थे, 20वीं सदी के दौरान उन्होंने भौतिकशास्त्र से जुड़ी कुछ खास खोज की थीं।

Google Celebrates Lev Landau 111th Birthday By Creating Doodle :

Lev Landau (लेव लैंडाउ) के बारे में…

लेव का जन्म 22 जनवरी 1908 में बाकू, अजरबैजान में हुआ था। लेव लैंडाउ के पिता पेशे से एक इंजीनियर थे, जो एक लोकल ऑयल इंडस्ट्री में काम करते थे और उनकी मां डॉक्टर थीं। लेव बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे। उन्होंने 12 साल उम्र में ही डिफ्रेंटिएशन सीख लिया था और 13 साल की उम्र में उन्हें इंटीग्रेशन आ गया था। लैंडाउ ने 1920 में मात्र 13 साल की उम्र में ही ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त कर ली थी।

लेव के माता पिता को लगता था कि लेव यूनिवर्सिटी जाने के लिए अभी छोटे हैं, इसलिए उन्हें एक साल के लिए बाकू इकोनॉमिक्ल टेक्निकल स्कूल भेजा गया। साल 1922 में उन्हें बाकू स्टेट यूनिवर्सिटी भेजा गया, जहां उन्होंने भौतिक और गणित डिपार्टमेंट और डिपार्टमेंट ऑफ कमेस्ट्री में पढ़ाई शुरू की है।

इस वजह से जाने जाते थे Lev Landau (लेव लैंडाउ)

  • लेव लैंडाउ ने क्वांटम मैकेनिक्स में डेंसिटी मैट्रिक्स मैथड, थ्योरी ऑफ सेकेंड ऑर्डर फेज ट्रान्जिक्शन, थ्योरी ऑफ फर्मी लिक्विड की खोज की।
  • साल 1961 में उन्हें मैक्स प्लैंक मेडल और फ्रिट्ज लंदन पुरस्कार मिला।
  • साल 1962 में उन्हें भौतिकशास्त्र में नोबेज प्राइस मिला।
  • लेव ने मात्र 21 साल की उम्र में अपनी पीएचडी पूरी कर ली थी।
  • लेव की मौत 60 साल की उम्र में 1 अप्रैल 1968 को मॉस्को में हुई थी।
नई दिल्ली। GOOGLE (गूगल) ने आज नोबेल पुरस्कार विजेता Lev Landau (लेव लैंडाउ) के 111वें जन्मदिन के मौके पर उन्हें याद करते हुए खास डूडल बनाया है। लेव लैंडाउ भौतिक और गणित विषय के जानकार थे, 20वीं सदी के दौरान उन्होंने भौतिकशास्त्र से जुड़ी कुछ खास खोज की थीं। Lev Landau (लेव लैंडाउ) के बारे में... लेव का जन्म 22 जनवरी 1908 में बाकू, अजरबैजान में हुआ था। लेव लैंडाउ के पिता पेशे से एक इंजीनियर थे, जो एक लोकल ऑयल इंडस्ट्री में काम करते थे और उनकी मां डॉक्टर थीं। लेव बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे। उन्होंने 12 साल उम्र में ही डिफ्रेंटिएशन सीख लिया था और 13 साल की उम्र में उन्हें इंटीग्रेशन आ गया था। लैंडाउ ने 1920 में मात्र 13 साल की उम्र में ही ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त कर ली थी। लेव के माता पिता को लगता था कि लेव यूनिवर्सिटी जाने के लिए अभी छोटे हैं, इसलिए उन्हें एक साल के लिए बाकू इकोनॉमिक्ल टेक्निकल स्कूल भेजा गया। साल 1922 में उन्हें बाकू स्टेट यूनिवर्सिटी भेजा गया, जहां उन्होंने भौतिक और गणित डिपार्टमेंट और डिपार्टमेंट ऑफ कमेस्ट्री में पढ़ाई शुरू की है। इस वजह से जाने जाते थे Lev Landau (लेव लैंडाउ)
  • लेव लैंडाउ ने क्वांटम मैकेनिक्स में डेंसिटी मैट्रिक्स मैथड, थ्योरी ऑफ सेकेंड ऑर्डर फेज ट्रान्जिक्शन, थ्योरी ऑफ फर्मी लिक्विड की खोज की।
  • साल 1961 में उन्हें मैक्स प्लैंक मेडल और फ्रिट्ज लंदन पुरस्कार मिला।
  • साल 1962 में उन्हें भौतिकशास्त्र में नोबेज प्राइस मिला।
  • लेव ने मात्र 21 साल की उम्र में अपनी पीएचडी पूरी कर ली थी।
  • लेव की मौत 60 साल की उम्र में 1 अप्रैल 1968 को मॉस्को में हुई थी।