मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्ला खां की 102वीं जयंती पर गूगल ने अनोखे अंदाज में दी श्रद्धांजलि

मशहूर शहनाई वादक ,बिस्मिल्ला खां
मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्ला खां की 102वीं जयंती पर गूगल बना डूडल

नई दिल्ली। भारत रत्न से सम्मानित हुए शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का आज 102वां जन्मदिवस है। उनका जन्म 21 मार्च 1916 को हुआ था। उनके जन्मदिन के मौके पर उनकी उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें सम्मा1नपूर्वक समर्पित किया है। शहनाई को भारतीय शास्त्रीय संगीत में उच्च दर्जा दिलाने वाले बिस्मिल्ला खां को वर्ष 2001 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था।

Google Doodle Celebrates Ustad Bismillah Khans 102nd Birthday :

बिहार के डुमरांव में एक पारंपरिक मुस्लिम परिवार में जन्मे बिस्मिल्ला खां का नाम कमरुद्दीन खां था। बिस्मिल्ला खां ने 14 वर्ष की उम्र से ही सार्वजनिक तौर पर शहनाई का हुनर दिखाना शुरू कर दिया था लेकिन उन्हें पहचान वर्ष 1937 में कोलकाता में ऑल इंडिया म्यूजिक कॉन्फ्रेंस से मिली।

तीन दशक बाद उन्होंने एडिनबर्ग म्यूजिक फेस्टीवल में प्रस्तुति दी और शहनाई को वैश्विक मंच पर पेश किया। उन्होंने आजादी की पूर्व संध्या और पहले गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर शहनाई बजाई थी। यहां तक कि आज भी गणतंत्र दिवस समारोह का प्रसारण उनकी शहनाई की धुनों के साथ होता है। आज का डूडल चेन्नई के चित्रकार विजय कृष ने बनाया है। इसमें बिस्मिल्ला खां को शहनाई वादन करते दिखाया गया है। उस्ताद बिस्मिल्ला खां का 90 वर्ष की उम्र में 21 अगस्त 2006 को निधन हो गया था।

नई दिल्ली। भारत रत्न से सम्मानित हुए शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का आज 102वां जन्मदिवस है। उनका जन्म 21 मार्च 1916 को हुआ था। उनके जन्मदिन के मौके पर उनकी उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें सम्मा1नपूर्वक समर्पित किया है। शहनाई को भारतीय शास्त्रीय संगीत में उच्च दर्जा दिलाने वाले बिस्मिल्ला खां को वर्ष 2001 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था।बिहार के डुमरांव में एक पारंपरिक मुस्लिम परिवार में जन्मे बिस्मिल्ला खां का नाम कमरुद्दीन खां था। बिस्मिल्ला खां ने 14 वर्ष की उम्र से ही सार्वजनिक तौर पर शहनाई का हुनर दिखाना शुरू कर दिया था लेकिन उन्हें पहचान वर्ष 1937 में कोलकाता में ऑल इंडिया म्यूजिक कॉन्फ्रेंस से मिली।तीन दशक बाद उन्होंने एडिनबर्ग म्यूजिक फेस्टीवल में प्रस्तुति दी और शहनाई को वैश्विक मंच पर पेश किया। उन्होंने आजादी की पूर्व संध्या और पहले गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर शहनाई बजाई थी। यहां तक कि आज भी गणतंत्र दिवस समारोह का प्रसारण उनकी शहनाई की धुनों के साथ होता है। आज का डूडल चेन्नई के चित्रकार विजय कृष ने बनाया है। इसमें बिस्मिल्ला खां को शहनाई वादन करते दिखाया गया है। उस्ताद बिस्मिल्ला खां का 90 वर्ष की उम्र में 21 अगस्त 2006 को निधन हो गया था।