GOOGLE ने DOODLE के जरिए दिखाया कैसा रहा चांद पर इंसान का पहला सफर

GOOGLE ने DOODLE के जरिए दिखाया कैसा रहा चांद पर इंसान का पहला सफर
GOOGLE ने DOODLE के जरिए दिखाया कैसा रहा चांद पर इंसान का पहला सफर

नई दिल्ली। दुनिया के पहले अंतरिक्ष मिशन अपोलो 11 को आज पचास साल पूरे हो गए हैं और इस खास मौके पर गूगल ने डूडल के जरिए दिखाया कि चांद पर इंसान का पहला सफर कैसा रहा। 20 जुलाई, 1969 को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बने थे। यह मिशन मानव इतिहास का सबसे सफल मिशन माना जाता है। वहीं नील के बाद चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के दूसरे व्यक्ति बज एल्ड्रिन।

Google Doodle Marks Apollo 11s 50th Anniversary Of Moon Landing :

चांद पर कदम रखने के बाद नील ने कही ये बात

चांद पर कदम रखने के बाद नील ने कहा था कि ये इंसान का एक छोटा सा कदम है और मानवता की लंबी छलांग है। अपोलो के कुल 11 मिशन हुए थे, जिसमें 33 अंतरिक्ष यात्री गए थे। जिनमें से 27 चांद तक पहुंचे। इनमें से 24 ने चांद का चक्कर लगाया था, लेकिन केवल 12 लोग ही ऐसे थे जिन्होंने चांद की सतह पर कदम रखा।

बता दें कि इस खास और पहले अंतरिक्ष मिशन से चार लाख लोग जुड़े थे और इसे 53 करोड़ लोगों ने लाइव देखा था। नासा ने इस बात का अनुमान लगाया है कि मिशन से चार लाख लोग जुड़े थे, जिनमें अंतरिक्ष यात्रियों के अलावा, मिशन कंट्रोलर, कैटरर, इंजीनियर, ठेकेदार से लेकर वैज्ञानिक, नर्स, डॉक्टर और गणितज्ञ शामिल थे। मिशन को लाइव देखने वाले लोगों की वो संख्या उस वक्त की करीब 15 फीसदी आबादी थी।

अपोलो 11 मिशन में महिलाओं ने निभाई मुख्य भूमिका

अपोलो 11 मिशन की सफलता में महिलाओं ने भी अहम भूमिका निभाई थी। दरअसल, डाटा प्रोसेसिंग और जटिल गणना के काम के लिए नासा ने अफ्रीकी-अमेरिकी गणितज्ञ महिलाओं को नियुक्त किया था। इन महिलाओं को मानव कंप्यूटर के तौर पर नियुक्त किया गया था। इनमें से एक महिला कैथरीन डॉन्स ने अपोलो लूनर मॉडल और कमांड मॉड्यूल के लिए प्रक्षेपण पथ की गणना की थी।

नई दिल्ली। दुनिया के पहले अंतरिक्ष मिशन अपोलो 11 को आज पचास साल पूरे हो गए हैं और इस खास मौके पर गूगल ने डूडल के जरिए दिखाया कि चांद पर इंसान का पहला सफर कैसा रहा। 20 जुलाई, 1969 को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बने थे। यह मिशन मानव इतिहास का सबसे सफल मिशन माना जाता है। वहीं नील के बाद चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के दूसरे व्यक्ति बज एल्ड्रिन। चांद पर कदम रखने के बाद नील ने कही ये बात चांद पर कदम रखने के बाद नील ने कहा था कि ये इंसान का एक छोटा सा कदम है और मानवता की लंबी छलांग है। अपोलो के कुल 11 मिशन हुए थे, जिसमें 33 अंतरिक्ष यात्री गए थे। जिनमें से 27 चांद तक पहुंचे। इनमें से 24 ने चांद का चक्कर लगाया था, लेकिन केवल 12 लोग ही ऐसे थे जिन्होंने चांद की सतह पर कदम रखा। बता दें कि इस खास और पहले अंतरिक्ष मिशन से चार लाख लोग जुड़े थे और इसे 53 करोड़ लोगों ने लाइव देखा था। नासा ने इस बात का अनुमान लगाया है कि मिशन से चार लाख लोग जुड़े थे, जिनमें अंतरिक्ष यात्रियों के अलावा, मिशन कंट्रोलर, कैटरर, इंजीनियर, ठेकेदार से लेकर वैज्ञानिक, नर्स, डॉक्टर और गणितज्ञ शामिल थे। मिशन को लाइव देखने वाले लोगों की वो संख्या उस वक्त की करीब 15 फीसदी आबादी थी। अपोलो 11 मिशन में महिलाओं ने निभाई मुख्य भूमिका अपोलो 11 मिशन की सफलता में महिलाओं ने भी अहम भूमिका निभाई थी। दरअसल, डाटा प्रोसेसिंग और जटिल गणना के काम के लिए नासा ने अफ्रीकी-अमेरिकी गणितज्ञ महिलाओं को नियुक्त किया था। इन महिलाओं को मानव कंप्यूटर के तौर पर नियुक्त किया गया था। इनमें से एक महिला कैथरीन डॉन्स ने अपोलो लूनर मॉडल और कमांड मॉड्यूल के लिए प्रक्षेपण पथ की गणना की थी।