Google Doodle: गूगल ने दुनिया की पहली PHd डिग्री धारक महिला को समर्पित किया आज का डूडल

Google Doodle: गूगल ने दुनिया की पहली PHd डिग्री धारक महिला को समर्पित किया आज का डूडल
Google Doodle: गूगल ने दुनिया की पहली PHd डिग्री धारक महिला को समर्पित किया आज का डूडल

नई दिल्ली। गूगल (Google) ने आज अपना डूडल दुनिया की पहली पीएचडी धारक एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया (Elena Cornaro Piscopia) को समर्पित किया है। दरअसल आज एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया का 373वां जन्मदिन (Elena Cornaro Piscopia’s 373rd Birthday) है। एलेना दुनिया की पहली महिला थीं जिन्होंने यूनिवर्सिटी से पीएचडी डिग्री प्राप्त की थी। आज उनके जन्मदिन के मौके पर जाने उनसे जुड़ी खास बातें….

Google Doodle On Elena Cornaro Piscopias 373rd Birthday Facts Biography And Life History :

एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया के बारे में….

  • एलेना का जन्म इटली के वेनिस में 5 जून 1646 को हुआ था।
  • एलेना (Elena Piscopia) का शुरुआती जीवन काफी संघर्ष में रहा है।
  • उनको दो वक्त के खाने के लिए काफी महनत करनी पड़ी।
  • उनकी मां खेती करती थीं और भुखमरी से बचने के लिए वो काफी महनत करती थीं।
  • जिसके बाद उनकी मां बड़े शहर चली गईं और वहां काम करने लगीं।
  • एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया अपने माता-पिता की तीसरी संतान थीं। उनके पिता का नाम जियानबेटिस्टा कोर्नारो पिस्कोपिया था और मां का नाम जानेटा बोनी था।
  • एलेना के जन्म के बाद उनके माता-पिता ने शादी की। एलेना को बचपन से ही पढ़ाई का शौक था। जब वो 7 साल की थीं तो माता-पिता ने उनकी क्षमता को समझा और प्रीस्ट जियोवानी फैब्रिक की सलाह पर उन्हें बाहर पढ़ने भेज दिया।
  • 7 की उम्र में ही एलेना ने लैटिन, ग्रीक, फ्रेंच और स्पेनिश भाषा सीख ली थी। र्ब्रू और अरबी में भी दक्षता हासिल करने के बाद उन्हें ‘ओराकुलम सेप्टिलिंगु’ की उपाधि दी गई।
  • एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया को पढ़ाई के साथ-साथ संगीत में भी रुची थी। उन्होंने वीणा, वायलिन, हॉप्सिकॉर्ड और क्लाविकॉर्ड सीखा और बाद में जाकर अपनी धुन बनाईं। विज्ञान के क्षेत्र में उन्होंने अपना खूब नाम किया और दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
  • 26 जुलाई 1648 उनकी मृत्यु हो गई थी। जीवन के आखिरी सात सालों में उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और चैरिटी में निकाल दिया।
नई दिल्ली। गूगल (Google) ने आज अपना डूडल दुनिया की पहली पीएचडी धारक एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया (Elena Cornaro Piscopia) को समर्पित किया है। दरअसल आज एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया का 373वां जन्मदिन (Elena Cornaro Piscopia's 373rd Birthday) है। एलेना दुनिया की पहली महिला थीं जिन्होंने यूनिवर्सिटी से पीएचडी डिग्री प्राप्त की थी। आज उनके जन्मदिन के मौके पर जाने उनसे जुड़ी खास बातें.... एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया के बारे में....
  • एलेना का जन्म इटली के वेनिस में 5 जून 1646 को हुआ था।
  • एलेना (Elena Piscopia) का शुरुआती जीवन काफी संघर्ष में रहा है।
  • उनको दो वक्त के खाने के लिए काफी महनत करनी पड़ी।
  • उनकी मां खेती करती थीं और भुखमरी से बचने के लिए वो काफी महनत करती थीं।
  • जिसके बाद उनकी मां बड़े शहर चली गईं और वहां काम करने लगीं।
  • एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया अपने माता-पिता की तीसरी संतान थीं। उनके पिता का नाम जियानबेटिस्टा कोर्नारो पिस्कोपिया था और मां का नाम जानेटा बोनी था।
  • एलेना के जन्म के बाद उनके माता-पिता ने शादी की। एलेना को बचपन से ही पढ़ाई का शौक था। जब वो 7 साल की थीं तो माता-पिता ने उनकी क्षमता को समझा और प्रीस्ट जियोवानी फैब्रिक की सलाह पर उन्हें बाहर पढ़ने भेज दिया।
  • 7 की उम्र में ही एलेना ने लैटिन, ग्रीक, फ्रेंच और स्पेनिश भाषा सीख ली थी। र्ब्रू और अरबी में भी दक्षता हासिल करने के बाद उन्हें 'ओराकुलम सेप्टिलिंगु' की उपाधि दी गई।
  • एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया को पढ़ाई के साथ-साथ संगीत में भी रुची थी। उन्होंने वीणा, वायलिन, हॉप्सिकॉर्ड और क्लाविकॉर्ड सीखा और बाद में जाकर अपनी धुन बनाईं। विज्ञान के क्षेत्र में उन्होंने अपना खूब नाम किया और दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
  • 26 जुलाई 1648 उनकी मृत्यु हो गई थी। जीवन के आखिरी सात सालों में उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और चैरिटी में निकाल दिया।