Google Doodle: आज दिखेगा आकाश में टूटते हुए तारों का नज़ारा

Google Doodle: आज दिखेगा आकाश में टूटते हुए तारों का नज़ारा
Google Doodle: आज दिखेगा आकाश में टूटते हुए तारों का नज़ारा

नई दिल्ली। आज यानि 13 दिसंबर की रात टूटते हुए सितारों की बारिश होने वाली है और इस खस मौके पर Google ने भी Geminid Meteor Shower को डूडल बनाया है। बता दें कि जेमिनिड मिटियोर शॉवर (उल्कापात) एक बेहद खास खगोलिय घटना है और सभी लोग इसे इन्जॉय करते हैं। आकाश में जेमिनिड्स के कारण आगे आने वाली कुछ रातों में आकाश में अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यह दृष्य किसी भव्य आतिशबाजी से कम नहीं होगा।

Google Has Made The Gemenids Meteor Shower Its Doodle :

बता दें कि यह जेमिनिड्स 78,000 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से आकाश से गुजरेंगे। हालांकि इससे कोई खतरा नहीं है और लोग बिना डरे इस इस नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं।
जेमिनिड मिटियोर शावर एक 3 मील चौड़े ऐस्टरॉयड के कारण बनता है। इस ऐस्टरॉयड को 3200 फेथॉन के नाम से जाना जाता है जो 523 दिन में एक बार धरती से सबसे करीब से गुजरता है। सूर्य से नजदीकी के कारण इनका तापमान 800 डिग्री तक पहुंच जाता है और तेज गति से गुजरने के कारण इनमें से एक पदार्थ निकला है जो आसमानी आतिशबाजी (मीडियोर शावर) को दिखाता है। आमतौर पर सभी ऐस्टरॉयड बर्फ, धूल और पत्थर से बने होतो हैं, लेकिन जेमिनिड ऐस्टरॉयड पत्थर और धातु से बना होता है।

आज होने वाली इस घटना को देखने के लिए किसी टेलिस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं है। रात 9 के बाद इसे आंखो से देखा जा सकता है। बता दें कि यह मीटियोर शावर रात 12 बजे के आसपास अपने तरम पर होगा और इस दौरान प्रतिघंटे 120 मीटियोर को देखा जा सकेगा।

नई दिल्ली। आज यानि 13 दिसंबर की रात टूटते हुए सितारों की बारिश होने वाली है और इस खस मौके पर Google ने भी Geminid Meteor Shower को डूडल बनाया है। बता दें कि जेमिनिड मिटियोर शॉवर (उल्कापात) एक बेहद खास खगोलिय घटना है और सभी लोग इसे इन्जॉय करते हैं। आकाश में जेमिनिड्स के कारण आगे आने वाली कुछ रातों में आकाश में अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यह दृष्य किसी भव्य आतिशबाजी से कम नहीं होगा।बता दें कि यह जेमिनिड्स 78,000 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से आकाश से गुजरेंगे। हालांकि इससे कोई खतरा नहीं है और लोग बिना डरे इस इस नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं। जेमिनिड मिटियोर शावर एक 3 मील चौड़े ऐस्टरॉयड के कारण बनता है। इस ऐस्टरॉयड को 3200 फेथॉन के नाम से जाना जाता है जो 523 दिन में एक बार धरती से सबसे करीब से गुजरता है। सूर्य से नजदीकी के कारण इनका तापमान 800 डिग्री तक पहुंच जाता है और तेज गति से गुजरने के कारण इनमें से एक पदार्थ निकला है जो आसमानी आतिशबाजी (मीडियोर शावर) को दिखाता है। आमतौर पर सभी ऐस्टरॉयड बर्फ, धूल और पत्थर से बने होतो हैं, लेकिन जेमिनिड ऐस्टरॉयड पत्थर और धातु से बना होता है।आज होने वाली इस घटना को देखने के लिए किसी टेलिस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं है। रात 9 के बाद इसे आंखो से देखा जा सकता है। बता दें कि यह मीटियोर शावर रात 12 बजे के आसपास अपने तरम पर होगा और इस दौरान प्रतिघंटे 120 मीटियोर को देखा जा सकेगा।