Google ने भारत की पहली महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी की डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि

आनंदी गोपाल जोशी ,
Google ने भारत की पहली महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी की डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। गूगल ने शनिवार को भारत की पहली महिला चिकित्सक आनंदी गोपाल जोशी को उनकी 153वीं जयंती पर एक डूडल समर्पित किया। डूडल को बेंगलुरू की कलाकार कश्मीरा सरोदे ने बनाया, जो हाथ में डिग्री थामे नजर आ रही हैं। आनंदी को महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने वाले प्रतीक के रूप में देखा जाता है। वह पहली ऐसी भारतीय महिला थीं जिन्होंने अलोपथी मेडिसिन में डिग्री ली थी।

Google Is Celebrating Birth Anniversary Of First Female Doctor From India Anandi Gopal Joshi :

गूगल ने कहा, “वह न सिर्फ पहली भारतीय महिला चिकित्सक थीं, बल्कि उस समय महज 19 साल की भी थी। वह अमेरिका से पढ़ाई करने वाली पहली महिला चिकित्सक भी थी। आनंदी का जन्म 1865 में महराष्ट्र में हुआ था। महज नौ साल की उम्र में उनकी शादी हो गई और 14 साल की कम उम्र में ही वह मां बन गई, लेकिन घरेलू जिम्मेदारियां उनकी सपनों के उड़ान को नहीं रोक सकीं।

उनके पति ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने और मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। वह 16 की उम्र में खराब स्वास्थ्य से जूझते हुए भी अमेरिका पहुंचने में कामयाब रहीं। आनंदी ने ‘वीमेंस मेडिकल कॉलेज ऑफ पेन्सिलवेनिया’ (अब ड्रेक्सेल यूनिविर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन के नाम से पहचाने जाना वाला) से मेडिकल डिग्री ली और महिलाओं के लिए मेडिकल कॉलेज खोलने के सपने के साथ भारत लौटीं।

दुर्भाग्य से क्षय रोग के चलते 22 साल की होने के पहले ही आनंदी इस दुनिया से रुखसत कर गईं। हालांकि, उनका प्रेरणादायी जीवन आज भी महिलाओं को प्रेरणा प्रदान करता है। शुक्र ग्रह के एक क्रेटर का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है।

नई दिल्ली। गूगल ने शनिवार को भारत की पहली महिला चिकित्सक आनंदी गोपाल जोशी को उनकी 153वीं जयंती पर एक डूडल समर्पित किया। डूडल को बेंगलुरू की कलाकार कश्मीरा सरोदे ने बनाया, जो हाथ में डिग्री थामे नजर आ रही हैं। आनंदी को महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने वाले प्रतीक के रूप में देखा जाता है। वह पहली ऐसी भारतीय महिला थीं जिन्होंने अलोपथी मेडिसिन में डिग्री ली थी।गूगल ने कहा, "वह न सिर्फ पहली भारतीय महिला चिकित्सक थीं, बल्कि उस समय महज 19 साल की भी थी। वह अमेरिका से पढ़ाई करने वाली पहली महिला चिकित्सक भी थी। आनंदी का जन्म 1865 में महराष्ट्र में हुआ था। महज नौ साल की उम्र में उनकी शादी हो गई और 14 साल की कम उम्र में ही वह मां बन गई, लेकिन घरेलू जिम्मेदारियां उनकी सपनों के उड़ान को नहीं रोक सकीं।उनके पति ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने और मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। वह 16 की उम्र में खराब स्वास्थ्य से जूझते हुए भी अमेरिका पहुंचने में कामयाब रहीं। आनंदी ने 'वीमेंस मेडिकल कॉलेज ऑफ पेन्सिलवेनिया' (अब ड्रेक्सेल यूनिविर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन के नाम से पहचाने जाना वाला) से मेडिकल डिग्री ली और महिलाओं के लिए मेडिकल कॉलेज खोलने के सपने के साथ भारत लौटीं।दुर्भाग्य से क्षय रोग के चलते 22 साल की होने के पहले ही आनंदी इस दुनिया से रुखसत कर गईं। हालांकि, उनका प्रेरणादायी जीवन आज भी महिलाओं को प्रेरणा प्रदान करता है। शुक्र ग्रह के एक क्रेटर का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है।