Google 21st Birthday: गूगल ने अपने जन्मदिन पर बनाया खास डूडल

Google 21st Birthday: गूगल ने अपने जन्मदिन पर बनाया खास डूडल
Google 21st Birthday: गूगल ने अपने जन्मदिन पर बनाया खास डूडल

नई दिल्ली। गूगल आज अपना 21वां जन्मदिन मना रहा है और इस मौके पर गूगल ने खास डूडल बना खुद को शुभकामना दीं। दरअसल गूगल सर्च इंजन की स्थापना सितंबर 1998 में दो पीएचडी छात्रों, लैरी पेज और सर्जी ब्रिन द्वारा कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में अपने छात्रावासों में की गई थी। 20 सालों में ‘याहू’ और ‘आस्क जीव’ जैसे प्रतिद्वंद्वी सर्च इंजनों को पीछे छोड़ते हुए आज गूगल दुनिया की सबसे लोकप्रिय वेबसाइटों में से एक बन गई है।

Google Is Celebrating Its 21st Birthday :

गूगल ने डूडल जारी करते हुए अपने जन्मदिन के मौके पर लिखा कि 21 साल पहले, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो पीएचडी छात्र सर्जी ब्रिन और लैरी पेज ने बड़े तौर पर सर्च इंजन पर एक पेपर पब्लिश किया था। आज गूगल दुनिया भर की 100 भाषाओं में काम करता है और साल में अरबों सवालों के जवाब खोजता है। 21वां जन्मदिन मुबारक हो गूगल।

गौरतलब है कि 1998 में जब गूगल की शूरुआत की गई थी, तब पूरे वर्ल्ड वाइड वेब पर करीब 2.5 करोड़ पेज मौजूद थे। उस समय गूगल का एल्गोरिथम काफी बेहतरीन था। तब के समय में कुछ भी करने पर 2.5 करोड़ पेज से जानकारी मिल जाती थी।

नई दिल्ली। गूगल आज अपना 21वां जन्मदिन मना रहा है और इस मौके पर गूगल ने खास डूडल बना खुद को शुभकामना दीं। दरअसल गूगल सर्च इंजन की स्थापना सितंबर 1998 में दो पीएचडी छात्रों, लैरी पेज और सर्जी ब्रिन द्वारा कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में अपने छात्रावासों में की गई थी। 20 सालों में 'याहू' और 'आस्क जीव' जैसे प्रतिद्वंद्वी सर्च इंजनों को पीछे छोड़ते हुए आज गूगल दुनिया की सबसे लोकप्रिय वेबसाइटों में से एक बन गई है। गूगल ने डूडल जारी करते हुए अपने जन्मदिन के मौके पर लिखा कि 21 साल पहले, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो पीएचडी छात्र सर्जी ब्रिन और लैरी पेज ने बड़े तौर पर सर्च इंजन पर एक पेपर पब्लिश किया था। आज गूगल दुनिया भर की 100 भाषाओं में काम करता है और साल में अरबों सवालों के जवाब खोजता है। 21वां जन्मदिन मुबारक हो गूगल। गौरतलब है कि 1998 में जब गूगल की शूरुआत की गई थी, तब पूरे वर्ल्ड वाइड वेब पर करीब 2.5 करोड़ पेज मौजूद थे। उस समय गूगल का एल्गोरिथम काफी बेहतरीन था। तब के समय में कुछ भी करने पर 2.5 करोड़ पेज से जानकारी मिल जाती थी।