आपका डेटा चोरी कर रही थीं ये 29 एप, गूगल ने किया डिलीट

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आपका डेटा चोरी कर रही थीं ये 29 एप, गूगल ने किया डिलीट

नई दिल्ली। गूगल(Google) ने 29 ऐसे ब्यूटी कैमरा एप्स को डिलीट कर दिया है, जो पोर्नोग्राफिक कंटेंट शेयर कर रहे थे और इसे यूजर्स को मुख्य रूप से भारत में फिशिंग वेबसाइट्स का डेटा चुराने के लिए उन्हें फॉरवर्ड कर रहे थे। अमेरिकी सायबर सिक्युरिटी फर्म ट्रेंड माइक्रो की एक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कुछ एप्स लाखों बार डाउनलोड किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में डाउनलोड एशिया, मुख्य रूप से भारत में किए गए।

Google Play Deletes 29 Beauty Camera Apps That Stole Users Information :

गूगल ने ये एप्स अब प्ले स्टोर से डिलीट कर दिए हैं। ट्रेंड माइक्रो के मुताबिक, इस एप को डाउनलोड करने वाले यूजर को तबतक किसी गलत बात का संदेह नहीं होगा, जबतक वे उस एप को डिलीट करने का निर्णय नहीं ले लेते। यूजर जब अपनी डिवाइसेज को अनलॉक करेंगे, तब एप फुल स्क्रीन पर विभिन्न विज्ञापन देंगे, जिनमें कुछ गलत विज्ञापन (धोखाधड़ी वाला कंटेंट या पोर्नोग्राफी) हो सकते हैं, जो यूजर्स के ब्राउजर के माध्यम से पॉप-अप करेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण के दौरान, हमने एक पेड ऑनलाइन पोर्नोग्राफी प्लेयर पाया, जो पॉप-अप पर क्लिक करने पर डाउनलोड हो गया था। इनमें से किसी एप ने यह संकेत नहीं दिया कि विज्ञापनों के पीछे वे हैं, तो यूजर्स के लिए यह पता लगाना मुश्किल होता है कि वे विज्ञापन कहां से आ रहे हैं।

नई दिल्ली। गूगल(Google) ने 29 ऐसे ब्यूटी कैमरा एप्स को डिलीट कर दिया है, जो पोर्नोग्राफिक कंटेंट शेयर कर रहे थे और इसे यूजर्स को मुख्य रूप से भारत में फिशिंग वेबसाइट्स का डेटा चुराने के लिए उन्हें फॉरवर्ड कर रहे थे। अमेरिकी सायबर सिक्युरिटी फर्म ट्रेंड माइक्रो की एक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कुछ एप्स लाखों बार डाउनलोड किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में डाउनलोड एशिया, मुख्य रूप से भारत में किए गए। गूगल ने ये एप्स अब प्ले स्टोर से डिलीट कर दिए हैं। ट्रेंड माइक्रो के मुताबिक, इस एप को डाउनलोड करने वाले यूजर को तबतक किसी गलत बात का संदेह नहीं होगा, जबतक वे उस एप को डिलीट करने का निर्णय नहीं ले लेते। यूजर जब अपनी डिवाइसेज को अनलॉक करेंगे, तब एप फुल स्क्रीन पर विभिन्न विज्ञापन देंगे, जिनमें कुछ गलत विज्ञापन (धोखाधड़ी वाला कंटेंट या पोर्नोग्राफी) हो सकते हैं, जो यूजर्स के ब्राउजर के माध्यम से पॉप-अप करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण के दौरान, हमने एक पेड ऑनलाइन पोर्नोग्राफी प्लेयर पाया, जो पॉप-अप पर क्लिक करने पर डाउनलोड हो गया था। इनमें से किसी एप ने यह संकेत नहीं दिया कि विज्ञापनों के पीछे वे हैं, तो यूजर्स के लिए यह पता लगाना मुश्किल होता है कि वे विज्ञापन कहां से आ रहे हैं।