सावधान! फोन में लोकेशन ऑफ होने पर भी उसकी जानकारी शेयर कर रहा है गूगल

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सावधान! फोन में लोकेशन ऑफ होने पर भी उसकी जानकारी शेयर कर रहा है गूगल

यदि आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूज करते हैं तो यह आपके लिए चौंकाने वाली और सावधान करने वाली खबर है। आपके फोन में लोकेशन फीचर आॅफ होने के बावजूद भी उसकी जानकारी गूगल को रहती है और वो उसें इकट्ठा कर रहा है जो आपके लिए एक तरह से सिक्योरिटी रिस्क हो सकता है। इस बारे में खुद गूगल ने भी कंफर्म किया है।

Google Sharing Android Smartphones Location Data :

गूगल का कहना है कि एंड्रॉयड आॅपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले स्मार्टफोन्स आपको बताए बिना ही आपकी लोकेशन से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा कर रहे हैं। गूगल का कहना है कि यूजर्स के एंड्रायॅड स्मार्टफोन्स में लोकेशन सर्विस ऑफ होने के बावजूद भी उनकी इस तरह की जानकारियां गूगल शेयर कर रहा है।

खबर है कि गूगल द्वारा लोकेशन की जानकारी इकट्ठा करने जैसा काम जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। इस बारे में गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा है कि इस साल जनवरी में हमने मैसेज डिलिवरी को और भी तेज करने के लिए सेल आईडी कोड्स को अडिशनल सिग्नल के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया है। हालांकि कंपनी ने किसी भी तरह के डेटा को नेटवर्क सिस्टम में सिंक नहीं किया है। इससे यूजर्स का डेटा अपने आप डिलीट हो जाता है।

हालांकि गूगल ने इस काम को बंद करने के लिए कहा है लेकिन दूसरी ओर कुछ रिसर्चर्स का कहना है कि क्योंकि डेटा एनक्रिप्टेड है इसलिए स्पायवेयर प्रभावित होने पर डेटा थर्ड पार्टी को आसानी से सेंड किया जा सकता है। उन्होंने यहां तक भी कहा है कि गूगल के पास फिलहाल इस समस्या का कोई हल नहीं है। इतना ही नहीं बल्कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन को यूजर्स द्वारा फैक्ट्री रीसेट और लोकेशन डिसेबल करने के बावजूद भी डेटा शेयरिंग के इस काम को नहीं रोका जा सकता। इस तरह से मोबाइल डेटा और वाई-फाई दोनों के तहत लोकेशन डेटा गूगल के पास पहुंचता है। ऐसे में अब यूजर्स को जरा सावधान होने की जरूरत है।

यदि आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूज करते हैं तो यह आपके लिए चौंकाने वाली और सावधान करने वाली खबर है। आपके फोन में लोकेशन फीचर आॅफ होने के बावजूद भी उसकी जानकारी गूगल को रहती है और वो उसें इकट्ठा कर रहा है जो आपके लिए एक तरह से सिक्योरिटी रिस्क हो सकता है। इस बारे में खुद गूगल ने भी कंफर्म किया है।गूगल का कहना है कि एंड्रॉयड आॅपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले स्मार्टफोन्स आपको बताए बिना ही आपकी लोकेशन से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा कर रहे हैं। गूगल का कहना है कि यूजर्स के एंड्रायॅड स्मार्टफोन्स में लोकेशन सर्विस ऑफ होने के बावजूद भी उनकी इस तरह की जानकारियां गूगल शेयर कर रहा है।खबर है कि गूगल द्वारा लोकेशन की जानकारी इकट्ठा करने जैसा काम जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। इस बारे में गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा है कि इस साल जनवरी में हमने मैसेज डिलिवरी को और भी तेज करने के लिए सेल आईडी कोड्स को अडिशनल सिग्नल के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया है। हालांकि कंपनी ने किसी भी तरह के डेटा को नेटवर्क सिस्टम में सिंक नहीं किया है। इससे यूजर्स का डेटा अपने आप डिलीट हो जाता है।हालांकि गूगल ने इस काम को बंद करने के लिए कहा है लेकिन दूसरी ओर कुछ रिसर्चर्स का कहना है कि क्योंकि डेटा एनक्रिप्टेड है इसलिए स्पायवेयर प्रभावित होने पर डेटा थर्ड पार्टी को आसानी से सेंड किया जा सकता है। उन्होंने यहां तक भी कहा है कि गूगल के पास फिलहाल इस समस्या का कोई हल नहीं है। इतना ही नहीं बल्कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन को यूजर्स द्वारा फैक्ट्री रीसेट और लोकेशन डिसेबल करने के बावजूद भी डेटा शेयरिंग के इस काम को नहीं रोका जा सकता। इस तरह से मोबाइल डेटा और वाई-फाई दोनों के तहत लोकेशन डेटा गूगल के पास पहुंचता है। ऐसे में अब यूजर्स को जरा सावधान होने की जरूरत है।