बीआरडी का भयावह दृश्य: ऐसा दर्दनाक मंजर मैंने ज़िंदगी में नहीं देखा

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अस्पताल प्रशासन के साथ योगी सरकार की भी चौतरफा आलोचना हो रही है। सरकार भले ही इस घटना के प्रति संवेदना व्यक्त करने हुए दोषियों के विरुद्ध जल्द से जल्द कार्यवाई का आश्वासन दे रही हो बावजूद इसके जनाक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा। बताते चलें कि महज 7 दिनों में यहां करीब 70 बच्चे मौत की नींद सो चुके है।

Gorakhpur Ka Bhayawah Dard Aisa Manzar Maine Jeewan Bhar Nahi Dekha :

सोशल मीडिया से लेकर अखबार और टीवी में यह खबर छाई हुई है जिसे देख हम सहम जा रहें है, तस्वीरें देख रोंगटे खड़े हो जा रहें हैं, कल्पना मात्र से आँखों के सामने भयावह दृश्य नाचने लग रहा है। ऐसे में उनपर क्या बीत रही होगी जिन्होने इस मंज़र को अपनी आँखों से देखा है। जिनके कानों में अभी भी वहां की चीख गूंज रही होंगी। ऐसे ही एक शख्स हैं दीपचंद जिन्होने उस दर्दनाक मंज़र को बयां करते हुए बताया,’ज़िंदगी में मैंने आज तक इतनी तकलीफदेह दृश्य नहीं देखी, ऐसे दर्द को कभी महसूस नहीं किया जो मैंने कल रात को देखा। आलम यह था कि कही मां-बाप चीख रहें है, चिल्ला रहें है, डॉक्टर्स भाग रहें है, मासूमों का शव आँखों में आँखें डाल सवाल पूछ रहा है और मैं पत्थर बने सब देख रहा हूँ। देखते ही देखते ऐसा लगा सब कुछ उजड़ गया।

वहीं एक पिता जिसने खुद इस घटना में अपने बेटे को खो दिया है उसका कहना है कि मैं कुछ ही देर पहले दवा लेने के लिए बाहर गया था, जब लौट के आया तो मेरे बीवी पागलों की तरह चिल्ला रही थी फिर मैंने मुन्ना को देखा तो वो हमेशा के लिए सो चुका था। फिर भी मैं भागे-भागे डॉक्टर्स के पास गया और फिर भागता ही रहा।

खबरों के मुताबिक ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी का भुगतान कमीशनखोरी के चलते नहीं किया जा रहा था, जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना हुई। गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज में गुरुवार से शुरु हुआ मौत का तांडव आज भी जारी है। वहां का मंजर भयावह है। जिनके बच्चे एडमिट हैं उनके परिजनों के चेहरे पर भय और चिंता देखी जा सकती है। एक अंजाना डर उन पर तारी है। टंगी सांसें और आंखों से बहते आंसू और उन सबके बीच जेहन में उठ रहे व्यवस्था पर सवाल की छटपटाहट हर तीमारदार के चेहरे पर साफ दिख रही है। बेबस परिजन इस व्यवस्था की कठपुतली बने हुए हैं।

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अस्पताल प्रशासन के साथ योगी सरकार की भी चौतरफा आलोचना हो रही है। सरकार भले ही इस घटना के प्रति संवेदना व्यक्त करने हुए दोषियों के विरुद्ध जल्द से जल्द कार्यवाई का आश्वासन दे रही हो बावजूद इसके जनाक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा। बताते चलें कि महज 7 दिनों में यहां करीब 70 बच्चे मौत की नींद सो चुके है।सोशल मीडिया से लेकर अखबार और टीवी में यह खबर छाई हुई है जिसे देख हम सहम जा रहें है, तस्वीरें देख रोंगटे खड़े हो जा रहें हैं, कल्पना मात्र से आँखों के सामने भयावह दृश्य नाचने लग रहा है। ऐसे में उनपर क्या बीत रही होगी जिन्होने इस मंज़र को अपनी आँखों से देखा है। जिनके कानों में अभी भी वहां की चीख गूंज रही होंगी। ऐसे ही एक शख्स हैं दीपचंद जिन्होने उस दर्दनाक मंज़र को बयां करते हुए बताया,'ज़िंदगी में मैंने आज तक इतनी तकलीफदेह दृश्य नहीं देखी, ऐसे दर्द को कभी महसूस नहीं किया जो मैंने कल रात को देखा। आलम यह था कि कही मां-बाप चीख रहें है, चिल्ला रहें है, डॉक्टर्स भाग रहें है, मासूमों का शव आँखों में आँखें डाल सवाल पूछ रहा है और मैं पत्थर बने सब देख रहा हूँ। देखते ही देखते ऐसा लगा सब कुछ उजड़ गया।वहीं एक पिता जिसने खुद इस घटना में अपने बेटे को खो दिया है उसका कहना है कि मैं कुछ ही देर पहले दवा लेने के लिए बाहर गया था, जब लौट के आया तो मेरे बीवी पागलों की तरह चिल्ला रही थी फिर मैंने मुन्ना को देखा तो वो हमेशा के लिए सो चुका था। फिर भी मैं भागे-भागे डॉक्टर्स के पास गया और फिर भागता ही रहा।खबरों के मुताबिक ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी का भुगतान कमीशनखोरी के चलते नहीं किया जा रहा था, जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना हुई। गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज में गुरुवार से शुरु हुआ मौत का तांडव आज भी जारी है। वहां का मंजर भयावह है। जिनके बच्चे एडमिट हैं उनके परिजनों के चेहरे पर भय और चिंता देखी जा सकती है। एक अंजाना डर उन पर तारी है। टंगी सांसें और आंखों से बहते आंसू और उन सबके बीच जेहन में उठ रहे व्यवस्था पर सवाल की छटपटाहट हर तीमारदार के चेहरे पर साफ दिख रही है। बेबस परिजन इस व्यवस्था की कठपुतली बने हुए हैं।