फिर से गरमाया साम्प्र​दायिक दंगों से परेशान होकर पलायन का मामला

yogi adityanath
फिर से गरमाया साम्प्र​दायिक दंगों से परेशान होकर पलायन का मामला
लखनऊ। साम्प्रदायिक दंगों से तंग होकर यूपी में लगातार हो रहे पलायन को लेकर सरकार ने गंभीर रूख अख्तियार कर लिया है। इसके लिए सरकार के सचिव ने डीजीपी और ​डि​वीजनल कमिश्नर्स को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है। सचिव ने इस पत्र में 28 फरवरी 2017 तक यूपी से हुए पलायन के बारे में रिपोर्ट मांगी है। उत्तर प्रदेश में साम्प्र​दायिक तनाव के बाद हुए पलायन का मुदृदा फिर से गरमाने लगा है। जिसके चलते सचिव भगवान स्वरूप ने डीजीपी…

लखनऊ। साम्प्रदायिक दंगों से तंग होकर यूपी में लगातार हो रहे पलायन को लेकर सरकार ने गंभीर रूख अख्तियार कर लिया है। इसके लिए सरकार के सचिव ने डीजीपी और ​डि​वीजनल कमिश्नर्स को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है। सचिव ने इस पत्र में 28 फरवरी 2017 तक यूपी से हुए पलायन के बारे में रिपोर्ट मांगी है।
उत्तर प्रदेश में साम्प्र​दायिक तनाव के बाद हुए पलायन का मुदृदा फिर से गरमाने लगा है। जिसके चलते सचिव भगवान स्वरूप ने डीजीपी और डिवीजनल कमिश्नर्स को पलायनों के बारे में जानकारी देने के साथ ही डेटा ग्रह मंत्रालय को देने को कहा है। प्रशासन ने इसके लिए उन्हे एक सप्ताह का समय दिया है।

बता दें कि ये मुदृदा वर्ष 2016 में उठा था, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सरकार ने फिर से सख्ती दिखाई है। उसने 20 जून 2017 को निर्देश दिए जाने के बाद भी मामले को गंभीरता से न लेने के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई है। पत्र में कहा कि गया है कि उस वक्त जो जानकारी दी गई थी वो मीडिया रिपोर्टस और इलाकाई लोगों के आकड़ों से मेल नही खा रही है। बताया जाता है कि पलायन की सबसे ज्यादा खबरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आई थी।

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आपको बतां दें कि ये मुदृदा कैराना के सांसद हुकुम सिंह ने जून 2016 में उठाया था। हालाकि अब उनकी मौत हो चुकी है। उन्होने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एक विशेष समुदाय के डर से 250 हिंदू परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। उनके द्वारा पेश किए गए आकड़ों पर मानवाधिकार आयोग ने भी अपनी मुहर लगा दी थी। उस वक्त तो इस मुदृदे ने काफी तूल पकड़ा लेकिन बाद में अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया। यही नही बीते विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सपा पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को अपने घोषणापत्र में भी शामिल ​किया था।

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