राम मंदिर पर संसद में सरकार बोली- तय समयसीमा के अंदर बनेगा ट्रस्ट

जी किशन रेड्डी
राम मंदिर पर संसद में सरकार बोली- तय समयसीमा के अंदर बनेगा ट्रस्ट

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले में केंद्र सरकार द्वारा एक योजना तैयार करना शामिल है जिसमें बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के साथ एक ट्रस्ट की या फिर अन्य उपयुक्त संस्था की स्थापना की जाएगी। इसमें ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, ट्रस्टियों की शक्तियां, ट्रस्ट को भूमि का हस्तांतरण और सभी आवश्यक, आकस्मिक और पूरक मामले शामिल हैं। केंद्र सरकार न्यायालय के निर्देशों और आदेशों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य करने के लिए बाध्य है।

Government Bids On Ram Temple In Parliament Trust Will Be Built Within The Deadline :

वहीं नागरिकता संशोधन बिल को लेकर शिवसेना ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि लोकसभा में जो हुआ उसे भूल जाइए। राज्यसभा में विधेयक बुधवार को पेश किया जाएगा। बता दें कि शिवसेना ने सोमवार को विधेयक का समर्थन किया था। वहीं शिवसेना सांसद अरविंद सावंत का कहना है कि पार्टी विधेयक का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भूमिका होती है क्या हमारी? राष्ट्रहित की भूमिका को लेकर शिवसेना खड़ी रहती है। ये किसी की मोनोपोली नहीं है।

वहीं लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास को लेकर पूछे गए सवाल को लेकर लिखित में जवाब में कहा, ‘संघ शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों के लिए केंद्रीय वेतन आयोग के तहत लगभग 4800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। जैसा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने सूचित किया है कि बहुत से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने किसानों की आत्महत्या, कृषक और खेतिहर मजदूर को लेकर कोई डाटा नहीं दिया है। आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 में 12 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म के लिए मौत की सजा सहित और भी कड़े दंडात्मक प्रावधानों को लागू किया गया है। अधिनियम में 2 महीने के अंदर जांच और ट्रायल को पूरा करने का प्रावधान है।’

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले में केंद्र सरकार द्वारा एक योजना तैयार करना शामिल है जिसमें बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के साथ एक ट्रस्ट की या फिर अन्य उपयुक्त संस्था की स्थापना की जाएगी। इसमें ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, ट्रस्टियों की शक्तियां, ट्रस्ट को भूमि का हस्तांतरण और सभी आवश्यक, आकस्मिक और पूरक मामले शामिल हैं। केंद्र सरकार न्यायालय के निर्देशों और आदेशों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य करने के लिए बाध्य है। वहीं नागरिकता संशोधन बिल को लेकर शिवसेना ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि लोकसभा में जो हुआ उसे भूल जाइए। राज्यसभा में विधेयक बुधवार को पेश किया जाएगा। बता दें कि शिवसेना ने सोमवार को विधेयक का समर्थन किया था। वहीं शिवसेना सांसद अरविंद सावंत का कहना है कि पार्टी विधेयक का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भूमिका होती है क्या हमारी? राष्ट्रहित की भूमिका को लेकर शिवसेना खड़ी रहती है। ये किसी की मोनोपोली नहीं है। वहीं लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास को लेकर पूछे गए सवाल को लेकर लिखित में जवाब में कहा, 'संघ शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों के लिए केंद्रीय वेतन आयोग के तहत लगभग 4800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। जैसा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने सूचित किया है कि बहुत से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने किसानों की आत्महत्या, कृषक और खेतिहर मजदूर को लेकर कोई डाटा नहीं दिया है। आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 में 12 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म के लिए मौत की सजा सहित और भी कड़े दंडात्मक प्रावधानों को लागू किया गया है। अधिनियम में 2 महीने के अंदर जांच और ट्रायल को पूरा करने का प्रावधान है।'