ठेंगे पर सीएमओ का आदेश, रविवार को नहीं खुली गवर्नमेंट हॉस्पिटल की ओपीडी

लखनऊ| लखनऊ में डेंगू का प्रकोप दिनों दिन बढ़ता जा रहा है| शहर में अबतक 78 लोग इस बीमारी से दम तोड़ चुके हैं जबकि 2500 से अधिक केस सामने आए हैं| बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है| सीएमओ डॉ.एसएनएस यादव ने शनिवार को पत्र जारी कर अपने अधीन समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों को रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन खोलने के आदेश दिए थे| इसके बावजूद रविवार को राजधानी में कोई भी पीएचसी, सीएचसी की ओपीडी नहीं खुली| पहले दिन ही सीएमओ के आदेशों की धज्जियां उड़ा दी गईं|




इस पर अब सीएमओ कानूनी बंदिशों का हवाला देकर बचने का प्रयास कर रहे हैं| उनका कहना है कि पीएचसी, सीएचसी को रविवार को खोलने में दिक्कतें आएंगी| बता दें कि इन दिनों राजधानी में डेंगू जमकर कहर बरपा रहा है| सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए लंबी लाइन लाइन लगा रहे हैं| जबकि प्राइवेट अस्पतालों में पहले से ही बेड फुल हैं| मरीजों की इस तकलीफ का हवाला देते हुए सीएमओ डॉ एसएनएस यादव ने शनिवार को कहा था कि उनके अधीन आने वाले सभी हॉस्पिटल में रविवार व सार्वजनिक अवकाश के दिन भी ओपीडी चलेगी और जांचें होंगी|

इसके तहत राजधानी के नौ सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्र, आठ बाल महिला प्रसूति गृह सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व सौ बिस्तरों से छोटे हॉस्पिटल में ओपीडी का संचालन होना चाहिए था लेकिन किसी भी हॉस्पिटल में ओपीडी चलती नहीं दिखायी दी। न ही जांच की ही कोई व्यवस्था थी। इस वजह से बुखार पीडि़त मरीजों को इमरजेंसी की ही शरण लेनी पड़ी। अधिकतर मरीज निराश ही लौट गए। मरीजों का कहना था कि जब ओपीडी नहीं चला सकते तो ऐसी बात ही क्यों करते हैं| बता दें कि शुक्रवार से अस्पतालों में फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं| मंगलवार से इसमें नर्सिग स्टाफ भी शामिल होने जा रहा है| अपनी वेतन मांगों के आगे स्वास्थ्य महकमा हो या स्वास्थ्य कर्मी सभी संवेदनहीन हो चुके हैं|