दर्द से कराह कर डीएम आवास के गेट पर ही दिया बच्चे को जन्म

पटना। गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी हैं कि पलीता लगाने में नहीं चूकते। ताजा मामला बिहार के सीतामढ़ी का है जो बेहद हैरान कर देने वाला है। यहाँ एक अस्पताल ने गर्भवती महिला को हाड़ कंपाती ठंड में बगैर प्रसव कराये भगा दिया। इस घटना के बाद प्रसव पीड़ा से कराहती महिला ने अस्पताल से चंद कदम दूर स्थित डीएम आवास के गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया।



Government Hospital Refused To Admit Pregnant Lady At Sitamarhi :

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब आठ बजे प्रसव के लिये एक महिला को उसके परिजन पीएचसी अस्पताल में भर्ती कराने के लिये लाये। अस्पताल के चिकित्सक और कर्मियों ने उनका इलाज करने से साफ मना करते हुये सदर अस्पताल जाने की सलाह दी। महिला दर्द से तड़प रही थी ऐसे में परिजन कहाँ ले जाते। बार-बार अस्पताल में भर्ती करने के लिये गुहार लगाते रहे। अस्पताल के कर्मचारियों ने एक न सुनी और वहां से जबरन भगा दिया।

मजबूरन परिजन महिला को पैदल ही कड़ाके की ठंढ़ मे सदर अस्पताल जाने के लिये निकल पड़े। डुमरा पीएचसी से कुछ कदम पर डीएम आवास के मुख्य दरवाजे के सामने ही सड़क पर महिला दर्द से कराहने लगी और थोड़ी देर बाद उसने बच्चे को जन्म दे दिया। तकरीबन आधे घंटे तक बच्चा और जच्चा सड़क पर लेटे रहे। महिला अपने नवजात बच्चे को ठंड से बचाने की हर संभव कोशिश करती रही कि उसका इलाज हो लेकिन वह इस मामले मे सफल नहीं हो पा रही थी।




पत्रकारों की मदद से इस पुरे मामले की जानकारी सीतामढ़ी के डीएम को दी गई। डीएम की फटकार के बाद महिला को देखने से अस्पताल से एएनएम और दूसरे कर्मी पहुंचे लेकिन चिकित्सक डीएम के निर्देश के बाद भी वहां नहीं आये।

पटना। गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी हैं कि पलीता लगाने में नहीं चूकते। ताजा मामला बिहार के सीतामढ़ी का है जो बेहद हैरान कर देने वाला है। यहाँ एक अस्पताल ने गर्भवती महिला को हाड़ कंपाती ठंड में बगैर प्रसव कराये भगा दिया। इस घटना के बाद प्रसव पीड़ा से कराहती महिला ने अस्पताल से चंद कदम दूर स्थित डीएम आवास के गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब आठ बजे प्रसव के लिये एक महिला को उसके परिजन पीएचसी अस्पताल में भर्ती कराने के लिये लाये। अस्पताल के चिकित्सक और कर्मियों ने उनका इलाज करने से साफ मना करते हुये सदर अस्पताल जाने की सलाह दी। महिला दर्द से तड़प रही थी ऐसे में परिजन कहाँ ले जाते। बार-बार अस्पताल में भर्ती करने के लिये गुहार लगाते रहे। अस्पताल के कर्मचारियों ने एक न सुनी और वहां से जबरन भगा दिया।मजबूरन परिजन महिला को पैदल ही कड़ाके की ठंढ़ मे सदर अस्पताल जाने के लिये निकल पड़े। डुमरा पीएचसी से कुछ कदम पर डीएम आवास के मुख्य दरवाजे के सामने ही सड़क पर महिला दर्द से कराहने लगी और थोड़ी देर बाद उसने बच्चे को जन्म दे दिया। तकरीबन आधे घंटे तक बच्चा और जच्चा सड़क पर लेटे रहे। महिला अपने नवजात बच्चे को ठंड से बचाने की हर संभव कोशिश करती रही कि उसका इलाज हो लेकिन वह इस मामले मे सफल नहीं हो पा रही थी। पत्रकारों की मदद से इस पुरे मामले की जानकारी सीतामढ़ी के डीएम को दी गई। डीएम की फटकार के बाद महिला को देखने से अस्पताल से एएनएम और दूसरे कर्मी पहुंचे लेकिन चिकित्सक डीएम के निर्देश के बाद भी वहां नहीं आये।