वर्ष 2022 तक सरकार 115 पिछड़े जिलों का करेगी कायापलट

Indian PM Modi speaks during the inauguration of the 46th session of Indian Labour Conference in New Delhi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देशभर में 115 जिलों को अगले पांच साल में यानी 2022 तक मोदी के ‘न्यू इंडिया’ के दर्शन के अनुरूप कायापलट किया जाएगा। सरकार द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि अतिरिक्त सचिव व संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को प्रत्येक जिले का प्रभारी नामांकित किया गया है।

Government Is Going To Do For The Transformation Of Backward Districts Across The Country :

कैबिनेट सचिव पी. के. सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक बैठक बुलाई गयी जिसमें केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों के सचिव उपस्थित थे। सिन्हा ने अपने भाषण में विश्वास जताया कि नामांकित अधिकारी अपनी चुनौती स्वीकार करेंगे और अपने उद्देश्य में कामयाबी हासिल करेंगे।

इन जिलों में लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए एक अहम पहल बताते हुए उन्होंने प्रभारी अधिकारियों को तत्काल राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ एक टीम बनाने और अपने प्रयासों में समानता लाने की सलाह दी।

नीति आयोग के सीईओ अभिताभ कांत ने इस बात पर जोर दिया कि मानव विकास सूचकांक में सुधार के लिए इन पिछड़े जिलों का कायापलट जरूरी है। गृह सचिव राजीव गौबा ने कहा कि अगर इन जिलों का कायापलट होता है तो उससे देश में सुरक्षा के माहौल में व्यापक सुधार होगा।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देशभर में 115 जिलों को अगले पांच साल में यानी 2022 तक मोदी के 'न्यू इंडिया' के दर्शन के अनुरूप कायापलट किया जाएगा। सरकार द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि अतिरिक्त सचिव व संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को प्रत्येक जिले का प्रभारी नामांकित किया गया है।कैबिनेट सचिव पी. के. सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक बैठक बुलाई गयी जिसमें केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों के सचिव उपस्थित थे। सिन्हा ने अपने भाषण में विश्वास जताया कि नामांकित अधिकारी अपनी चुनौती स्वीकार करेंगे और अपने उद्देश्य में कामयाबी हासिल करेंगे।इन जिलों में लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए एक अहम पहल बताते हुए उन्होंने प्रभारी अधिकारियों को तत्काल राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ एक टीम बनाने और अपने प्रयासों में समानता लाने की सलाह दी।नीति आयोग के सीईओ अभिताभ कांत ने इस बात पर जोर दिया कि मानव विकास सूचकांक में सुधार के लिए इन पिछड़े जिलों का कायापलट जरूरी है। गृह सचिव राजीव गौबा ने कहा कि अगर इन जिलों का कायापलट होता है तो उससे देश में सुरक्षा के माहौल में व्यापक सुधार होगा।