एयर इंडिया विनिवेश: एयर इंडिया का 76% हिस्सा बेचेगी मोदी सरकार, रखा ये खास प्रस्ताव

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नई दिल्ली। खस्ता हालत में चल रही एयर इंडिया को उभारने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एयर इंडिया के 76 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने फैसला किया है। सरकार ने कहा है कि एयर इंडिया के विनिवेश के लिए बोली लगाई जाएगी। इसके लिए अर्नेस्ट एंड यंग को ट्रांजैक्शन एडवायजर के तौर पर नियुक्त किया है। सरकारी एयरलाइंस में विनिवेश को लेकर सरकार द्वारा जारी की गई प्रारंभिक सूचना ज्ञापन में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

Government Plans To Sell 76 Stake In Air India :

बता दें कि पिछले जून 2017 में इसकी सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी। जिसके बाद मोदी सरकार लगातार इस दिशा में प्रयासरत थी। इस नीलामी में एयर इंडिया की सब्स‍िडरी AISAT और AIXL की भी 50 फीसदी हिस्सेदारी शामिल होगी। इस नीलामी में हिस्सा लेने के इच्छुक बिडर्स के लिए 28 मई तक का समय दिया गया है।

एयर इंडिया की रणनीतिक विनिवेश शीर्ष मैनेजमेंट के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। इसके अलावा भारत सरकार के हिस्से के 76 फीसदी इक्व‍िटी शेयर बेचे जाएंगे। इसके बाद सरकार का एयर इंडिया पर मालिकाना हक खत्‍म हो जाएगा। इससे पहले पिछले साल जून में केंद्र सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। कैबिनेट की बैठक में सरकार ने इसमें अपनी हिस्सेदारी को बेचने का फैसला लिया था। इससे पहले, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने केंद्र से इसके विनिवेश को मंजूरी देने की सिफारिश की थी।

नई दिल्ली। खस्ता हालत में चल रही एयर इंडिया को उभारने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एयर इंडिया के 76 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने फैसला किया है। सरकार ने कहा है कि एयर इंडिया के विनिवेश के लिए बोली लगाई जाएगी। इसके लिए अर्नेस्ट एंड यंग को ट्रांजैक्शन एडवायजर के तौर पर नियुक्त किया है। सरकारी एयरलाइंस में विनिवेश को लेकर सरकार द्वारा जारी की गई प्रारंभिक सूचना ज्ञापन में बुधवार को यह जानकारी दी गई।बता दें कि पिछले जून 2017 में इसकी सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी। जिसके बाद मोदी सरकार लगातार इस दिशा में प्रयासरत थी। इस नीलामी में एयर इंडिया की सब्स‍िडरी AISAT और AIXL की भी 50 फीसदी हिस्सेदारी शामिल होगी। इस नीलामी में हिस्सा लेने के इच्छुक बिडर्स के लिए 28 मई तक का समय दिया गया है।एयर इंडिया की रणनीतिक विनिवेश शीर्ष मैनेजमेंट के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। इसके अलावा भारत सरकार के हिस्से के 76 फीसदी इक्व‍िटी शेयर बेचे जाएंगे। इसके बाद सरकार का एयर इंडिया पर मालिकाना हक खत्‍म हो जाएगा। इससे पहले पिछले साल जून में केंद्र सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। कैबिनेट की बैठक में सरकार ने इसमें अपनी हिस्सेदारी को बेचने का फैसला लिया था। इससे पहले, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने केंद्र से इसके विनिवेश को मंजूरी देने की सिफारिश की थी।