फिर बेलगाम हुई आज़म की जुबान, दीपिका को बताया नचनिया राजपूतों को कहा ये…

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रामपुर। अपनी बेलगाम जुबान की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सपा के कद्दावर नेता आजम खान ने अब’पद्मावती’ को लेकर विवादित बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आजम ने रामपुर में चुनावी सभा के दौरान दीपिका पादुकोण को नचनिया कह संबोधित किया हैं। उन्होंने ‘पद्मावती’ विवाद पर तंज कसते हुए कहा कि यह कैसी राजगिरी है, एक फिल्म में डांस करने वाली ‘नचनिया’ से डर गए। बड़ी-बड़ी पगड़ियां लगाकर फिल्मों का विरोध कर रहे हैं। फिल्मों की मुखालिफत नहीं की जाती है, मजे लिए जाते हैं।

Government Scared To A Dancer :

आजम ने कहा कि आज जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं जो वो कल तक अंग्रेजों के बस्ते उठाया करते थे। अंग्रेजों के सम्मान में झुककर 40 सलाम करते थे। हिंदुस्तान की एक मशहूर फिल्म ‘मुगले आजम’ बनी। इस फिल्म में अनारकली को सलीम की महबूबा बताया गया था। सच्चाई तो यह है कि ऐसी कोई कहानी नहीं है। इतिहास से इसका कोई लेना देना नहीं, कोई वास्ता नहीं। सुनते हैं, अनारकली नाम की कोई तवायफ लाहौर में रहा करती थी। फिल्म में बाप-बेटे का मुकाबला दिखाया गया था। किसी मुसलमान ने कोई विरोध नहीं किया, क्योंकि यह कहानी थी। मुसलमानों का दिल इतना छोटा नहीं था कि फिल्म उनके इतिहास को खराब कर देती।

बीजेपी घबराई हुई है

उन्होंने कहा कि निकाय जैसे कमजोर चुनाव को भी बीजेपी अयोध्या से शुरू करेगी तो इसका मतलब यह हुआ कि वह बहुत घबराई हुई है। बहुत परेशान है। राम का इस्तेमाल चुनाव के निशान के तौर पर किया जाना, योगीजी को बहुत महंगा पड़ेगा।

रामपुर। अपनी बेलगाम जुबान की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सपा के कद्दावर नेता आजम खान ने अब'पद्मावती' को लेकर विवादित बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आजम ने रामपुर में चुनावी सभा के दौरान दीपिका पादुकोण को नचनिया कह संबोधित किया हैं। उन्होंने 'पद्मावती' विवाद पर तंज कसते हुए कहा कि यह कैसी राजगिरी है, एक फिल्म में डांस करने वाली 'नचनिया' से डर गए। बड़ी-बड़ी पगड़ियां लगाकर फिल्मों का विरोध कर रहे हैं। फिल्मों की मुखालिफत नहीं की जाती है, मजे लिए जाते हैं।आजम ने कहा कि आज जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं जो वो कल तक अंग्रेजों के बस्ते उठाया करते थे। अंग्रेजों के सम्मान में झुककर 40 सलाम करते थे। हिंदुस्तान की एक मशहूर फिल्म 'मुगले आजम' बनी। इस फिल्म में अनारकली को सलीम की महबूबा बताया गया था। सच्चाई तो यह है कि ऐसी कोई कहानी नहीं है। इतिहास से इसका कोई लेना देना नहीं, कोई वास्ता नहीं। सुनते हैं, अनारकली नाम की कोई तवायफ लाहौर में रहा करती थी। फिल्म में बाप-बेटे का मुकाबला दिखाया गया था। किसी मुसलमान ने कोई विरोध नहीं किया, क्योंकि यह कहानी थी। मुसलमानों का दिल इतना छोटा नहीं था कि फिल्म उनके इतिहास को खराब कर देती। बीजेपी घबराई हुई है उन्होंने कहा कि निकाय जैसे कमजोर चुनाव को भी बीजेपी अयोध्या से शुरू करेगी तो इसका मतलब यह हुआ कि वह बहुत घबराई हुई है। बहुत परेशान है। राम का इस्तेमाल चुनाव के निशान के तौर पर किया जाना, योगीजी को बहुत महंगा पड़ेगा।