70 सालों की लूट को बाहर निकालना है: पीएम मोदी

कुशीनगर। यूपी के कुशीनगर में रविवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की परिर्वतन रैली को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी को देश में 70 सालों से जमा हो रहे कालेधन को बाहर निकालने का हथियार करार दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नोटबंदी को एक कठोर फैसले और उज्जवल भविष्य के रूप में देखा जाएगा। 70 सालों में जो लूट हुई है, गरीब आदमी का हक छीना गया है, उसे उनकी सरकार वापस लौटाना चाहती है।




नोटबंदी पर बोल रहे पीएम मोदी ने कहा कि नोटबंदी के रूप में शुरू हुए कालेधन के खिलाफ महायज्ञ में देश की 125 करोड़ जनता ने परे​शानियों को झेलते हुए अपनी आहुति दी है। इस फैसले को मिले आम जनता के सहयोग के लिए उनके आभारी हैं। लोगों ने जिन परेशानियों का सामना किया है वह बेकार नहीं जाएगी। बड़े लोगों का बड़ी परेशानी हो रही है।




उन्होंने कहा कि इस फैसले से 70 सालों की लूट सामने आएगी। जो कालाधन सरकार को मिलेगा उससे गरीब को मकान मिलेगा, किसान के खेतों को पानी मिलेगा, किसान को सस्ती खाद मिलेगी, गरीब की झोपड़ी तक बिजली का तार पहुंचेगा और गरीब के बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलेगी। जिसके लिए उन्हें आने वाले समय में भी लोगों के सहयोग की जरूरत रहेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रैली के मंच से लोगों से अपील की कि जो पढ़े लिखे लोग हैं, सरकारी कर्मचारी हैं और बीजेपी के कार्यकर्ता हैं वे लोगों को मोबाइल बैंकिंग के बारे में जागरूक करें। कैसे आम आदमी बिना कैश के अपने मोबाइल से लेनदेन कर सकता है ये लोगों को सिखाएं। हर आदमी अपने आस—पास के 15 लोगों को मोबाइल बैंकिंग के बारे में शिक्षित करे। आधुनिक तकनीकि युग में मोबाइल लेन—देन के लिए बेहद सरल और आसान तरीका है। जिसे हमें अपनाना होगा, यह इसलिए जरूरी है ताकि दोबारा कालाधन पैदा न हो।




उन्होंने कहा कि मोबाइल रिचार्ज करना या व्हाट्स एप यूज करने के लिए किसी भी स्कूल में पढ़ाया नहीं गया था। ये हर आदमी ने अपनी जरूरत के हिसाब से सीख लिया है। इसी तरह से एप बैंकिेंग और मोबाइल बैंकिंग भी सीखी जा सकती है। यह बेहद सरल है। लोगों को जागरुक करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, जिसके लिए अखबारों में विज्ञापन दिए जा रहे हैं। इस विज्ञापनों को थोड़ा ध्यान से पढ़कर कोई भी व्यक्ति मोबाइल को अपना बैंक बना सकता है।

प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का राजनीतिक रूप से विरोध कर रहे अपने विरोधियों द्वारा 28 नवंबर को बुलाए गए भारत बंद पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को रोकना चाहती है और विरोधी भारत को रोकना चाहते हैं। लोगों को खुद सोचना होगा कि वे भ्रष्टाचार और कालाधन रोकना चाहते हैं या फिर भारत को।




अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ने 70 सालों में देश को बर्बाद किया है। गरीबों का हक छीना गया है। चंद लोग नोटों के बिस्तर पर सो रहे हैं। बाकी देश को अपनी जरूरत तक पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान के लिए आने वाली यूरिया कारखानों में खपाई जा रही थी। दशकों से देश का किसान सुबह से यूरिया की लाइन में लगता था। लाठियां खाता था, लेकिन यूरिया उस जरूरतमंद किसान को न मिलकर कारखानों में पहुंच जाती थी। आज परिस्थिति बदलीं हैं, आज किसान की एक किलो यूरिया कारखाने में नहीं जा सकती, क्योंकि सरकार ने अपनी ईच्छाशक्ति दिखाई है। किसान के लिए बनने वाली यूरिया को शत प्रतिशत नीमकोटेड करके उसे कारखानों में प्रयोग के लायक नहीं छोड़ा गया है। इसके साथ ही पीएम ने केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई फसल बीमा योजना समेंत उन तमाम योजनाओं के फायदे लोगों को गिनवाए जिनका फायदा सीधे तौर पर गरीबों को मिल रहा है।