रेल हादसे के लिए जिम्मेदारी शाम तक तय की जाए: सुरेश प्रभू

रेल हादसे के लिए जिम्मेदारी शाम तक तय की जाए: सुरेश प्रभू

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली में शनिवार की शाम हुए रेल हादसे के बाद राहत कार्य को लगभग पूरा किया जा चुका है। ट्रैक को दुरुस्त कर मुजफ्फरनगर हरिद्वारा रेल मार्ग पर यातायात बहाल करने का प्रयास जारी है। इस बीच केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इस हादसे को लेकर रविवार शाम तक जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही रेल मंत्री ने हादसे में घायल हुए यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की बात कही है।

मिली जानकारी के मुताबिक खतौली हादसे में ऐसी खबरे आ रहीं हैं कि खतौली स्टेशन के पास चल रहे ट्रैक मरम्मत में लापरवाही बरते जाने के चलते ही यह हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शनिवार को रेलवे के ही कुछ कर्मी हादसे वाली जगह पर पटरी की मरम्मत करते देखे गए थे। हादसे के बाद भी मौके पर मजदूरों के औजर और पटरी को उठाने रखने वाले यंत्र देखे गए थे। हालांकि उस समय रेलवे का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था।

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वहीं इस हादसे की जांच करने के लिए लखनऊ से खतौली पहुंची एटीएस टीम ने भी इस हादसे की वजह के रूप में रेलवे की लापरवाही को कारण बताया है। हालांकि खतौली रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने ​किसी तरह के मरम्मत कार्य के लिए अनुमति न दिए जाने की बात कही है।

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्टस में यह भी बताया गया है कि ट्रेन का खतौली में स्टॉप नहीं होने की वजह से ट्रेन स्पीड में थी ड्राइवर ने ट्रेन को रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक का प्रयोग किया लेकिन ट्रेन को रोका नहीं जा सका।

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फिलहाल इस पूरे मामले की जांच के लिए रेलवे ने वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों का कहना है जल्द ही घटना की वजह सामने आ जाएगी।

आपको बता दें कि कलिंग पुरी—हरिद्वार एक्सप्रेस हादसे में 25 लोगों की मौत और 150 लोगों के घायल होने की पुष्टि की जा चुकी है। जबकि कुछ रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों की संख्या 50 से अधिक और घायलों की संख्या 400 से ज्यादा बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायलों को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है, जबकि सामान्य घायलों का इलाज मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में किया जा रहा है।

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