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Government’s counter-attack : विपक्ष मगरमच्छ के आंसू बहाने के बजाय पूरे देश से मांगे माफी

संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के आखिरी दिन राज्यसभा (Rajyasabha) में भारी हंगामा हुआ था। इसको को लेकर सत्तापक्ष (Government) और विपक्ष (Opposition) के बीच जंग जारी है। पहले  विपक्ष ने संसद से लेकर विजय पथ तक मार्च निकालकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के आखिरी दिन राज्यसभा (Rajyasabha) में भारी हंगामा हुआ था। इसको को लेकर सत्तापक्ष (Government) और विपक्ष (Opposition) के बीच जंग जारी है। पहले  विपक्ष ने संसद से लेकर विजय पथ तक मार्च निकालकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। इसके बाद अब सरकार ने बड़ा पलटवार (Government’s counter-attack) किया  है। केंद्र सरकार (Central Government) के आठ मंत्रियों ने गुरुवार दोपहर को प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यसभा चेयरमैन (Rajya Sabha Chairman) से इस पूरी घटना की जांच कर विपक्षी सांसदों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेने की मांग की है।

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इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रहलाद जोशी, मुख्तार अब्बास नकवी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, अनुराग ठाकुर, अर्जुन मेघवाल, वी. मुरलीधरन मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान सड़क से संसद तक विपक्ष ने अराजकता फैला रखी है। विपक्ष को इसके लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

सरकार ने विपक्ष पर लगाए ये बड़े आरोप

  • विपक्ष पहले से ही सत्र बर्बाद करने का तय कर चुका था , इसलिए सदन में काम नहीं करने दिया।
  • कोरोना, महंगाई, कृषि बिल पर सरकार चर्चा को तैयार थी, विपक्ष पेगासस (Pegasus) पर अड़ा रहा।
  • 2004 से 2014 तक यूपीए सरकार ने दर्जनों बिल बिना चर्चा के पास किए, लेकिन हमने चर्चा करने की कोशिश की।
  • जिन 6 सांसदों को सस्पेंड किया गया था, वह शीशा तोड़कर सदन में आना चाहते थे। इस दौरान महिला मार्शल को चोट लगी।
  • 9 अगस्त को टेबल पर चढ़कर हंगामा किया गया, रूलबुक को चेयर की ओर फेंका गया, ये एक कातिलाना हमला था।
  • विपक्ष की महिला सांसदों ने ही लेडी मार्शल के साथ धक्का-मुक्की की, वीडियो फुटेज में ये साफ हुआ।
  • कोई भी बाहरी सुरक्षाकर्मी सदन में नहीं आए, सिर्फ 30 सुरक्षाकर्मी जो सदन के ही हैं, वह मौजूद थे।
  • विपक्ष सिर्फ अपनी बात कहने और डिविजन के वक्त शांत रहा, बाकि पूरे समय हंगामा किया गया और चेयर का अपमान किया।

संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रहलाद जोशी (Union Parliamentary Minister Pralhad Joshi) ने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले से ही सत्र को बर्बाद करने की कोशिश में जुटा था। हमने विपक्ष से चर्चा करने के लिए अपील की थी। मंत्रियों का परिचय करवाने के लिए भी शांति रखने की अपील की थी। सरकार की ओर से महंगाई, कोरोना संकट, कृषि मसलों पर चर्चा के लिए मंजूरी दी गई थी।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 तक यूपीए के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे बिल थे जो बिना किसी चर्चा के पास किए गए। विपक्ष की ओर से झूठा आरोप लगाया गया है कि सरकार चर्चा नहीं कर रही है। जब कुछ सांसदों को सस्पेंड किया गया, तब कुछ सांसदों ने शीशा तोड़कर सदन में घुसने की कोशिश की। सरकार ने सोमवार तक सदन चलाने की बात स्वीकार की थी।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि एक दिन पहले कुछ सांसद संसद में टेबल पर चढ़ गये। वो खुद पर गर्व महसूस कर रहे थे। वह सोच रहे थे कि उन्होंने बहुत महान काम कर दिया है। उन्होंने इसका वीडियो शूट करने के बाद ट्वीट किया। जबकि सदन में वीडियो शूटिंग की अनुमति नहीं है।

प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि ‘राहुल गांधी कहते हैं कि यह लोकतंत्र की हत्या था। देश देख सकता है कि उन लोगों ने संसद में क्या किया? अगर उन्हें जिम्मेदारियों का एहसास है तो उन्हें देश से माफी मांगना चाहिए। हमने भी अध्यक्ष से मांग की है कि इस पर कड़ा एक्शन लिया जाए ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।

पीयूष गोयल ने विपक्ष पर बोला हमला

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि राज्यसभा (Rajyasabha) में विपक्ष का व्यवहार पूरे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। विपक्ष (Opposition) किसी भी तरीके से सदन को नहीं चलाने देना चाहता था।

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पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि 9 अगस्त को विपक्ष ने हंगामा करते हुए रूल बुक को चेयर की ओर फेंका। पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता की ओर से चेयर पर कातिलाना हमला किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष के सांसदों ने महिला मार्शल के साथ धक्का-मुक्की की गई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मार्शल, सुरक्षाकर्मी सिर्फ सदन और चेयर की सुरक्षा कर रहे थे। वह किसी पक्ष के नहीं थे, लेकिन उनके साथ भी विपक्ष के नेताओं ने बदतमीजी की गई। बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र (Monsoon Session)  के दौरान पेगागस (Pegasus) , महंगाई, कृषि कानून समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष हंगामा करता रहा। इस हंगामे के चलते दोनों की सदनों की कार्यवाही प्रभावित होती रही।

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