सरकार की अल्पसंख्यक तुष्टिकरण नहीं सशक्तीकरण की नीति : राष्ट्रपति

kovind
सरकार की अल्पसंख्यक तुष्टिकरण नहीं सशक्तीकरण की नीति : राष्ट्रपति
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को संसद के संयुक्त सदनों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के तुष्टिकरण की नहीं बल्कि सशक्तीकरण की नीति का अनुसरण कर रही है। कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा, "नरेंद्र मोदी सरकार की नीति अल्पसंख्यक समुदायों के तुष्टिकरण की नहीं बल्कि सशक्तीकरण की है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं जैसे 'सीखो और कमाओ', 'उस्ताद', 'गरीब नवाज कौशल विकास' और इस तरह की…

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को संसद के संयुक्त सदनों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के तुष्टिकरण की नहीं बल्कि सशक्तीकरण की नीति का अनुसरण कर रही है। कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार की नीति अल्पसंख्यक समुदायों के तुष्टिकरण की नहीं बल्कि सशक्तीकरण की है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं जैसे ‘सीखो और कमाओ’, ‘उस्ताद’, ‘गरीब नवाज कौशल विकास’ और इस तरह की अन्य योजनाओं से मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन जैसे अल्पसंख्यक समुदायों के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं।

{ यह भी पढ़ें:- अमेठी वालों क्या राहुल गांधी 15 मिनट तक भाषण दे सकते हैं: केशव प्रसाद मौर्य }

उन्होंने कहा, ऐसा पहली बार है कि 45 वर्ष से अधिक उम्र की मुस्लिम महिलाओं को बिना पुरुष सहयोगी के हज करने की इजाजत दी गई है और इस वर्ष इसी योजना का लाभ उठाकर 1,300 महिलाएं बिना पुरुष सहयोगी के हज करने गई हैं।

{ यह भी पढ़ें:- मोदी सरकार सर्वोच्च न्यायालय को कुचलने और दबाने का प्रयास कर रही: राहुल गांधी }

Loading...