गरीब महिलाओं को 5 किलो का गैस सिलेंडर देगी मोदी सरकार, यह है वजह

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गरीब महिलाओं को 5 किलो का गैस सिलेंडर देगी मोदी सरकार, यह है वजह

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के तहत गरीब महिलाओं को 5 किलो का गैस सिलेंडर देने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना में लाभान्वितों की संख्या बढ़ाने के लिए 2020 तक 8 करोड़ घरों का लक्ष्य तय किया गया है और विस्तार के लिए नियमों में ढील देते हुए अब सरकार 5 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का विकल्प भी इस योजना में शामिल कर रही है।

Govt Relaxes Norms To Push Ujjwala Scheme Targets 8 Cr Houseolds By 2020 :

इस नई सुविधा का संकेत देते हुए सार्वजिक क्षेत्र की एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी के अधिकारी ने बताया, ‘उज्ज्वला के तहत एलपीजी सिलेंडर साल में औसतन 3 बार ही भरवाए जा रहे हैं जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 7 का है। इसका बड़ा कारण शायद सिलेंडर की कीमत है क्योंकि रीफिलिंग मुफ्त नहीं है।’ अधिकारी ने उम्मीद जताई कि 5 किलो के सिलेंडरों के इस्तेमाल से स्थिति बदल सकती है।

बता दें कि मोदी सरकार का उज्‍ज्‍वला योजना के तहत 8 करोड़ गैस कनेक्‍शन बांटे जाने का लक्ष्‍य रहा है। अब तक 7 करोड़ 19 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यानी, 30 मई के बाद 100 दिनों के अंदर 81 लाख गैस कनेक्शन और बांटे जाएंगे। एक बार यह लक्ष्य पूरा हो जाने के बाद योजना के तहत 5 किलो के छोटे सिलेंडर के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा।

अभी दिल्ली में ग्राहकों को 14.2 किलो के बड़े सिलेंडर के लिए 712 रुपये देने होते हैं जबकि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) स्कीम के तहत सब्सिडी के करीब 215 रुपये वापस बैंक अकाउंट में आ जाते हैं। अभी 5 किलो का सिलेंडर 260 रुपये में मिलता है और सब्सिडी के तौर पर जो बैंक अकाउंट में करीब 80 रुपये वापस आएंगे।

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के तहत गरीब महिलाओं को 5 किलो का गैस सिलेंडर देने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना में लाभान्वितों की संख्या बढ़ाने के लिए 2020 तक 8 करोड़ घरों का लक्ष्य तय किया गया है और विस्तार के लिए नियमों में ढील देते हुए अब सरकार 5 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का विकल्प भी इस योजना में शामिल कर रही है। इस नई सुविधा का संकेत देते हुए सार्वजिक क्षेत्र की एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी के अधिकारी ने बताया, 'उज्ज्वला के तहत एलपीजी सिलेंडर साल में औसतन 3 बार ही भरवाए जा रहे हैं जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 7 का है। इसका बड़ा कारण शायद सिलेंडर की कीमत है क्योंकि रीफिलिंग मुफ्त नहीं है।' अधिकारी ने उम्मीद जताई कि 5 किलो के सिलेंडरों के इस्तेमाल से स्थिति बदल सकती है। बता दें कि मोदी सरकार का उज्‍ज्‍वला योजना के तहत 8 करोड़ गैस कनेक्‍शन बांटे जाने का लक्ष्‍य रहा है। अब तक 7 करोड़ 19 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यानी, 30 मई के बाद 100 दिनों के अंदर 81 लाख गैस कनेक्शन और बांटे जाएंगे। एक बार यह लक्ष्य पूरा हो जाने के बाद योजना के तहत 5 किलो के छोटे सिलेंडर के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। अभी दिल्ली में ग्राहकों को 14.2 किलो के बड़े सिलेंडर के लिए 712 रुपये देने होते हैं जबकि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) स्कीम के तहत सब्सिडी के करीब 215 रुपये वापस बैंक अकाउंट में आ जाते हैं। अभी 5 किलो का सिलेंडर 260 रुपये में मिलता है और सब्सिडी के तौर पर जो बैंक अकाउंट में करीब 80 रुपये वापस आएंगे।