पाकिस्तान में पकड़े गए जवान की दादी का सदमे से निधन

नई दिल्ली। गलती से एलओसी पार कर पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश करने वाले भारतीय जवान चंदू बाबूलाल के पाकिस्तान सेना के हत्थे चढ़ने की खबर से सदमे में आई उसकी दादी की शुक्रवार की रात मौत हो गई। 22 वर्षीय जवान चंदू मूलरूप से महाराष्ट्र के धुले जिले के बोरवीहीर गांव का मूल निवासी हैं। बचपन में ही माता पिता की मौत हो जाने के बाद चंदू की परवरिश उसकी दादी और बाबा ने की थी।




बकौल परिजन चंदू की दादी उसके बड़े भाई और 9 मराठा लाइट इन्फेन्ट्री के जवान भूषण के साथ गुजरात के जामनगर में सेना से मिले आवास में रहतीं थीं। तीन भाई—बहनों में सबसे छोटे चंदू की परवरिश करने वाली लीलाबाई को सेना के अधिकारियों ने गुरूवार की रात करीब 8 बजे उसकी गुमशुदगी की जानकारी दी थी। जिसके बाद चंदू के पाकिस्तानी सेना के हत्थे चढ़ने की खबरें भी सामने आने लगीं। जिसके बाद 70 वर्षीय लीलाबाई की हालत बिगड़ने लगी थी, उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

चंदू के दोस्त बताते हैं कि चंदू ने 2012 में जिलास्तर पर होने वाली सेना की भर्ती में हिस्सा लिया था। पहले ही प्रयास में वह सेना में भर्ती होने में सफल रहा था। दो महीने पहले ही उसे 37 राष्ट्रीय रायफल्स में तैनाती मिली थी।




धूले लोकसभा क्षेत्र से सांसद और केन्द्रीय मंत्री डा0 सुभाष भाम्रे ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनका और केन्द्र सरकार का प्रयास है कि वे अपने जवान को सकुशल पाकिस्तान से वापस लेकर आएं। उन्होंने जवान के परिवार को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करने के लिए उनके साथ खड़ी है।