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महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Great Mathematician Vashistha Narayan Singhs Public Farewell Last Rites With State Honors

By बलराम सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। देश के महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह (77 वर्ष) की अंतिम यात्रा में शुक्रवार सुबह जन सैलाब उमड़ पड़ा। बिहार के भोजपुर जिले के बसंतपुर गांव में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शव पहुंचने से पहले ही बिहार सरकार के मंत्री जयकुमार सिंह, डीएम रोशन कुशवाहा और एसपी सुशील कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी पहुंच गये थे। मंत्री जयकुमार सिंह ने पार्थिव शरीर पर फूल-माला डाल श्रद्धांजलि व्यक्त की। वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरुवार को पीएमसीएच में निधन हो गया था। वे पिछले 40 सालों से सिजोफ्रेनिया बीमारी से पीड़ित थे।

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बता दें कि अशोक राजपथ के कुल्हड़िया कॉम्प्लेक्स स्थित आवास पर गुरुवार सुबह आठ बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उनके छोटे भाई अयोध्या सिंह और भतीजे मुकेश, राकेश उन्हें लेकर पीएमसीएच इमरजेंसी पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की सूचना से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कुल्हड़िया कॉम्प्लेक्स स्थित आवास पर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।

अंतिम यात्रा में लगे वशिष्ठ नारायण अमर रहे के नारे

भोजपुर जिला मुख्यालय से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बसंतपुर गांव में पटना से गणितज्ञ डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह का शव पहुंचते ही लोगों की आंखें नम हो गईं। गांव में उनके आवास के समीप हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शव पहुंचते ही उपस्थित लोगों ने वशिष्ठ नारायण अमर रहे के नारे लगाये। इस दौरान कई लोग भावुक होकर रोने लगे। मुख्य सड़क से शव को उतार कर पुश्तैनी घर पहुंचाया गया। इसके बाद स्‍थानीय महुली गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार किया गया।

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