GST लागू होने के बाद 400 करोड़ का फ्रॉड, सरकारी खजाने को लगा करोड़ों का चूना

लखनऊ। यूपी के कानपुर में जीएसटी की इंटेलिजेंस विंग करोड़ों की हेराफेरी करने वाले दो व्यापारियों को अपनी गिरफ्त में लिया है। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने फर्जी फर्म बनाकर 400 करोड़ के फर्जी बिल के जरिये 60 करोड़ का फर्जीवाड़ा कर डाला। आरोपी लोगों ने इस बिलिंग के जरिए 60 करोड़ रुपये की न सिर्फ टैक्स चोरी की बल्कि इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेकर सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना भी लगा दिया।

Gst Biggest Fraud Caught In Kanpur :

जानकारी के मुताबिक, कानपुर के व्यापारी मनोज कुमार जैन और चंद्र प्रकाश तायल फर्जी फर्म के ​जरिए जीएसटी की हेराफेरी कर रहे थे। गुरुवार को इस मामले मे लखनऊ के गोमती नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया और स्पेशल सीजेएम की अदालत में आरोपियों को पेश किया गया। जहां से दोनों ही आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि फर्जीवाड़े में इन लोगों के अलावा भी कई लोग संलिप्त हैं, जिनकी तलाश जारी है।

फर्जी बिल से हुआ हेरफेर-

व्यापारी मनोज कुमार जैन ने लगभग 300 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग कर सरकार को लगभग 44 करोड़ रुपये का चूना लगाया। वहीं, चंद्र प्रकाश तायल ने लगभग 100 करोड़ की फर्जी बिलिंग करते हुए 16 करोड़ की हेराफेरी की है। जीएसटी लागू होने के एक साल बाद पकड़ी गई यह सबसे बड़ी टैक्स चोरी कही जा रही है।

गिरफ्तार व्यापारी सीमेंट, बिटुमिन, कच्चे चमड़े, प्लास्टिक के दाने, बीओपीपी फिल्मों और धातुओं की आपूर्ति के लिए फर्जी बिल जारी कर रहे थे। आरोपी ऐसे चालान अपने ग्राहकों को आईटीसी के जरिए लाभ पहुंचाने के लिए जारी कर रहे थे। डीजीजीआई लखनऊ जोनल यूनिट के अपर महानिदेशक राजेंद्र सिंह के निर्देश पर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

लखनऊ। यूपी के कानपुर में जीएसटी की इंटेलिजेंस विंग करोड़ों की हेराफेरी करने वाले दो व्यापारियों को अपनी गिरफ्त में लिया है। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने फर्जी फर्म बनाकर 400 करोड़ के फर्जी बिल के जरिये 60 करोड़ का फर्जीवाड़ा कर डाला। आरोपी लोगों ने इस बिलिंग के जरिए 60 करोड़ रुपये की न सिर्फ टैक्स चोरी की बल्कि इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेकर सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना भी लगा दिया। जानकारी के मुताबिक, कानपुर के व्यापारी मनोज कुमार जैन और चंद्र प्रकाश तायल फर्जी फर्म के ​जरिए जीएसटी की हेराफेरी कर रहे थे। गुरुवार को इस मामले मे लखनऊ के गोमती नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया और स्पेशल सीजेएम की अदालत में आरोपियों को पेश किया गया। जहां से दोनों ही आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि फर्जीवाड़े में इन लोगों के अलावा भी कई लोग संलिप्त हैं, जिनकी तलाश जारी है।

फर्जी बिल से हुआ हेरफेर-

व्यापारी मनोज कुमार जैन ने लगभग 300 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग कर सरकार को लगभग 44 करोड़ रुपये का चूना लगाया। वहीं, चंद्र प्रकाश तायल ने लगभग 100 करोड़ की फर्जी बिलिंग करते हुए 16 करोड़ की हेराफेरी की है। जीएसटी लागू होने के एक साल बाद पकड़ी गई यह सबसे बड़ी टैक्स चोरी कही जा रही है। गिरफ्तार व्यापारी सीमेंट, बिटुमिन, कच्चे चमड़े, प्लास्टिक के दाने, बीओपीपी फिल्मों और धातुओं की आपूर्ति के लिए फर्जी बिल जारी कर रहे थे। आरोपी ऐसे चालान अपने ग्राहकों को आईटीसी के जरिए लाभ पहुंचाने के लिए जारी कर रहे थे। डीजीजीआई लखनऊ जोनल यूनिट के अपर महानिदेशक राजेंद्र सिंह के निर्देश पर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।