GST से उत्तर प्रदेश मालामाल

GST

नई दिल्ली। 1 जुलाई 2017 को देशभर में लागू हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी-GST) के तहत पहले महीने सरकार को हुई कमाई के आंकड़े सामने आ चुके हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक सरकारी खाते में कुल 95,000 करोड़ रुपए का कर जमा हुआ है। जिसमें उत्तर प्रदेश के हिस्से आने वाली रकम करीब 4,755.86 करोड़ रुपए है। जो पिछले वर्ष अगस्त में जमा हुए कुल राजस्व 3,810 करोड़ के मुकाबले 24.82 प्रतिशत अधिक है।

दूसरे आंकड़ों की बात की जाए तो केवल जीएसटी के तहत आने वाली वस्तुओं से हुई कर बसूली से उत्तर प्रदेश को 33.67 फीसदी ज्यादा टैक्स मिला है। इन आंकड़ों में जीएसटी से बाहर रखे गए पेट्रोल, डीजल और एल्कोहल से मिलने वाले राजस्व को नहीं जोड़ा गया है। आकंड़ों के लिहाज से वैट के अंतर्गत आने वाले उत्पादों से हुई राजस्व की कमाई करीब 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।

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जीएसटी के लागू होने के बाद से इस नई कर प्रणाली की समीक्षा करने वालों की माने तो अंदाजा लगाया जा रहा था कि जुलाई महीने के लिए होने वाली फाइलिंग के आंकड़े निराश करने वाले होंगे। सरकार ने कारोबारियों को कुछ ढ़ील देकर रखी थी ताकि वे पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए परेशान न हों। सरकार को अंदाजा था कि खुदरा कारोबारी जीएसटी के चलते खरीद कम करेगा, क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद अधिकांश वस्तुओं के दाम गिरेंगे तो वैट के साथ खरीदे गए स्टॉक को बेंचने में कारोबारियों को परेशानी होगी। इसीलिए पहले महीने में 25 से 30 प्रतिशत के नुकसान का अनुमान लगाया गया था। लेकिन यूपी के आंकड़े बेहद उत्साहित करने वाले हैं। वहीं लाभ कमाने वाले राज्यों में दूसरा स्थान गुजरात को मिला है। जो गुजरात अपनी पहचान एक उत्पादक राज्य के रूप में रखता है। गुजरात सरकार को भी उम्मीद थी कि जीएसटी के लागू होने से उसके राजस्व में कमी आएगी, लेकिन सामने आए परिणामों में गुजरात को राजस्व के मामले में फायदा हुआ है।

समीक्षकों की माने तो जीएसटी लागू होने के बाद पहले महीने के परिणाम बताते हैं कि आने वाला समय टैक्स कलेक्शन के लिहाज से ज्यादा अच्छे परिणाम देगा। सरकार की ओर से कारोबारियों को पुराने माल की बिक्री के लिए मिली समय सीमा के खत्म होने के बाद परिस्थितियां बदलेंगी। जीएसटी लागू होने के बाद तैयार हुए नए स्टॉक के बाजार में पहुंचने से यह आंकड़े और बढ़ेंगे। दूसरी ओर जीएसटी की निगारी नकरने वाले अधिकारियों की सक्रियाता बढ़ने से सरकार टैक्स कलेक्शन के नए आयाम स्थापित करने में कामयाब रहेगी।

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