जीएसटी काउंसिल की बैठक आज, इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। आज जीएसटी काउंसिल की 27वीं बैठक होने जा रही है जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत कई राज्यो के वित्त मंत्री शामिल होंगे। बैठक में रोज़मर्रा की भी कुछ चीजों के दामों में कटौती होने की संभावना है। साथ ही जीएसटी नेटवर्क को सरकारी कंपनी में तब्दील करने के प्रस्ताव पर फैसला किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक किडनी की बीमारी से ग्रसित जेटली को डॉक्टरों ने संक्रमण से बचने के लिये ज्यादा लोगों से मिलने-जुलने से मना किया है, इसीलिए बैठक विडियो कॉफ्रेन्सिंग के जरिये करने का फैसला किया गया। अब देखना यह है कि क्या इस बैठक से कर्नाटक चुनावों में भी असर देखने को मिलगा?

Gst Council Meeting Today :

पेट्रोल-डीजल पर बड़ा फैसला

देश भर में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान चूर रहे हैं और जिसकी वजह से आम जनता का मासिक बजट भी काफी गड़बड़ा गया है। लंबे समय से इन दोनों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग आम जनता कर रही है। पेट्रोल-डीजल के जीएसटी के दायरे में आने के बाद इसकी कीमत काफी घट जाएगी। हालांकि कई राज्य इनको जीएसटी में लाने का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा करने से राज्यों को टैक्स के जरिए होने वाली कमाई पर काफी असर पड़ेगा।

डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कैशबैक या डिस्काउंट ऑफर

डिजिटल लेनदेन कराने वाले दुकानदारों को भी बदले में कैशबैक जैसा आकर्षक लाभ मिल सकता है। इस व्यवस्था को लागू करने के एक प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। इस प्रस्ताव में डिजिटल तरीके से पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं को अधिकतम खरीद मूल्य यानी एमआरपी पर छूट का लाभ मिलेगा। ये छूट एक बार में अधिकतम 100 रुपये तक हो सकती है। दूसरी तरफ व्यापारी को भी उसके द्वारा डिजिटल तरीके से की गई बिक्री पर कैशबैक दिया जाएगा।

चीनी के दामों में होगी बढ़ोतरी

इस बैठक में एक ऐसा फैसला भी लिया जाएगा जिसे सुनकर आप काफी परेशान हो जाएंगे। दरअसल सरकार चीनी पर 5 फीसदी सेस लगा सकती है, जिसके चलते इसके दाम 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ सकते हैं। गन्ना किसानों का करीब 19,780 करोड़ रुपए का बकाया है। इस सेस से एक फंड बनेगा और उससे ही गन्ना किसानों का पैसा चुकाया जाएगा।

कारोबारियों को सिंगल रिटर्न फॉर्म

जीएसटी के दायरे में आने वाले करोड़ों कारोबारियों को केंद्र सरकार जल्द ही एक बड़ी सौगात देने जा रही है। इन कारोबारियों को हर महीने 3 रिटर्न फाइल करने की बाध्यता से मुक्ति मिलने वाली है। इससे कारोबारी अपना बिजनेस आसानी से कर सकेंगे।

अधिकारी करेंगे जांच

टैक्स की चोरी रोकने के लिए सिस्टम हर तिमाही पर एक ऐसी लिस्ट को जेनरेट करेगा, जिससे टैक्स जमा न करने वाले डिफॉल्टरों पर नजर रखी जा सकेगी। टैक्स अधिकारी फिर ऐसे कारोबारियों पर नकेल भी कसेंगे। बड़े डिफॉल्टर से एडवांस में टैक्स जमा कराने के लिए कहा जाएगा।

चालान का होगा ऑटो जेनरेशन

अब नए फॉर्म में टैक्स पेमेंट करने का चालान ऑटो जेनरेट होगा। यह इनपुट टैक्स क्रेडिट के अलावा होगा। इसके अलावा टैक्सपेयर के पास क्रेडिट राशि को एडिट करने का ऑप्शन भी होगा।

नई दिल्ली। आज जीएसटी काउंसिल की 27वीं बैठक होने जा रही है जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत कई राज्यो के वित्त मंत्री शामिल होंगे। बैठक में रोज़मर्रा की भी कुछ चीजों के दामों में कटौती होने की संभावना है। साथ ही जीएसटी नेटवर्क को सरकारी कंपनी में तब्दील करने के प्रस्ताव पर फैसला किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक किडनी की बीमारी से ग्रसित जेटली को डॉक्टरों ने संक्रमण से बचने के लिये ज्यादा लोगों से मिलने-जुलने से मना किया है, इसीलिए बैठक विडियो कॉफ्रेन्सिंग के जरिये करने का फैसला किया गया। अब देखना यह है कि क्या इस बैठक से कर्नाटक चुनावों में भी असर देखने को मिलगा? पेट्रोल-डीजल पर बड़ा फैसला देश भर में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान चूर रहे हैं और जिसकी वजह से आम जनता का मासिक बजट भी काफी गड़बड़ा गया है। लंबे समय से इन दोनों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग आम जनता कर रही है। पेट्रोल-डीजल के जीएसटी के दायरे में आने के बाद इसकी कीमत काफी घट जाएगी। हालांकि कई राज्य इनको जीएसटी में लाने का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा करने से राज्यों को टैक्स के जरिए होने वाली कमाई पर काफी असर पड़ेगा। डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कैशबैक या डिस्काउंट ऑफर डिजिटल लेनदेन कराने वाले दुकानदारों को भी बदले में कैशबैक जैसा आकर्षक लाभ मिल सकता है। इस व्यवस्था को लागू करने के एक प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। इस प्रस्ताव में डिजिटल तरीके से पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं को अधिकतम खरीद मूल्य यानी एमआरपी पर छूट का लाभ मिलेगा। ये छूट एक बार में अधिकतम 100 रुपये तक हो सकती है। दूसरी तरफ व्यापारी को भी उसके द्वारा डिजिटल तरीके से की गई बिक्री पर कैशबैक दिया जाएगा। चीनी के दामों में होगी बढ़ोतरी इस बैठक में एक ऐसा फैसला भी लिया जाएगा जिसे सुनकर आप काफी परेशान हो जाएंगे। दरअसल सरकार चीनी पर 5 फीसदी सेस लगा सकती है, जिसके चलते इसके दाम 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ सकते हैं। गन्ना किसानों का करीब 19,780 करोड़ रुपए का बकाया है। इस सेस से एक फंड बनेगा और उससे ही गन्ना किसानों का पैसा चुकाया जाएगा। कारोबारियों को सिंगल रिटर्न फॉर्म जीएसटी के दायरे में आने वाले करोड़ों कारोबारियों को केंद्र सरकार जल्द ही एक बड़ी सौगात देने जा रही है। इन कारोबारियों को हर महीने 3 रिटर्न फाइल करने की बाध्यता से मुक्ति मिलने वाली है। इससे कारोबारी अपना बिजनेस आसानी से कर सकेंगे। अधिकारी करेंगे जांच टैक्स की चोरी रोकने के लिए सिस्टम हर तिमाही पर एक ऐसी लिस्ट को जेनरेट करेगा, जिससे टैक्स जमा न करने वाले डिफॉल्टरों पर नजर रखी जा सकेगी। टैक्स अधिकारी फिर ऐसे कारोबारियों पर नकेल भी कसेंगे। बड़े डिफॉल्टर से एडवांस में टैक्स जमा कराने के लिए कहा जाएगा। चालान का होगा ऑटो जेनरेशन अब नए फॉर्म में टैक्स पेमेंट करने का चालान ऑटो जेनरेट होगा। यह इनपुट टैक्स क्रेडिट के अलावा होगा। इसके अलावा टैक्सपेयर के पास क्रेडिट राशि को एडिट करने का ऑप्शन भी होगा।