GST के बाद खुदरा कीमत बढ़ाने से पहले अखबार में देना होगा विज्ञापन

नई दिल्ली। गुड्स एंड ​सर्विस टैक्स (GST) लागू होने के बाद कुछ वस्तुओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) बढ़ सकती है। आम ग्राहकों को बढ़ी हुई कीमतों की जानकारी कैसे मिलेगी, इस बात को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय राजस्व विभाग ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि एमआरपी बढ़ाने से पहले उत्पादक को अखबार में विज्ञापन देना होगा साथ पैकेट के ऊपर पिछली और नई दोनों कीमतें का छापना होगा।वहीं जिन वस्तुओं की कीमत कम हो रही है उनके लिए किसी प्रकार के विज्ञापन की आवश्यकता तो नहीं होगी, लेकिन नए के साथ—साथ पुराने दामों को मुद्रित किया जाना आवश्यक होगा।

केन्द्रीय राजस्व विभाग ने अपनी गाइडलाइन के साथ स्पष्ट कर दिया है कि सरकार जीएसटी के बाद ग्राहकों की जागरुकता को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। आम ग्राहक के बीच यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि जीएसटी से वस्तुओं के दामों में मंहगाई आई है। इसलिए ग्राहक को नई पैकिंग के साथ नए और पुराने यानी रिवाइज कीमत दोनों की छपाई होगी।

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इसके साथ ही सरकार ने उत्पादकों के लिए नियम बनाया है कि उन्हें अपने उत्पादों की कीमत बढ़ाने से पहले अखबारों में विज्ञापन देकर स्पष्ट करना होगा कि जीएसटी के बाद उनके उत्पाद की खुदरा कीमत में कितना अन्तर आया है। जिसे ग्राहकों को खुदरा कीमत के साथ चुकाना होगा।

केन्द्र सरकार की इस गाइडलाइन के पीछे की मंशा स्पष्ट है। सरकार जानती है कि आम जनता के बीच जीएसटी को लेकर जो भ्रामक स्थिति बनी हुई है। जिये बदलने के लिए आवश्यक है कि उन्हें पूरी जानकारी मिले कि जीएसटी लागू होने के बाद उनकी जेब पर क्या असर पड़ा है?

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