जीएसटी के फायदे और नुकसान को आसानी से समझें

नई दिल्ली। आजाद भारत अपने सबसे बड़े टैक्स रिफार्म की दहलीज पर खड़ा है। जिसकी चर्चा हर कहीं हो रही है। पान की दुकान से लेकर लग्जरी शो रूम तक हर जगह 1 जुलाई 2017 से लागू होने वाले जीएसटी की चर्चा हो रही है। आम आदमी को समझ आ रहा है कि जीएसटी लगने के बाद उसे 28 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। ऐसी अफवाहें आना लाजमी है क्योंकि अभी तक जीएसटी की स्थिति मानसून की तरह बनी हुई है। हर विशेषज्ञ इसे लेकर अपने तुक्के लगाने में जुटा है, पिछले कुछ दिनों में परिस्थितियां बदलीं हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्य सरकारों के साथ बातचीत के बाद करीब 1200 वस्तुओं के लिए टैक्स स्लेब निर्धारित कर दिया है। हर राज्य ने अपने अलग अलग सुझाव दिए हैं जिन्हें लेकर आने वाले समय में चर्चा कर समाधान निकाले जाने की बात कही गई है।


सबसे पहले जाने क्या है जीएसटी —

जीएसटी का फुल फार्म है गुड्स एंड सर्विस टैक्स। आप चाहें सेवा लें या फिर कोई वस्तु खरीदें आपको अलग अलग टैक्स के स्थान पर सिर्फ एक टैक्स चुकाना पड़ेगा जिसका नाम होगा जीएसटी। आज हम रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं तो हमें अपने बिल के साथ कई टैक्स चुकाने पड़ते हैं। पहला बैट, दूसरा सर्विस टैक्स और तीसरा स्वच्छ भारत अभियान के तहत लगने वाला सेस। लंबे समय से एक बहस छिड़ी थी कि अगर आप रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं तो आप से एक ही कर लगना चाहिए। खाने को व​स्तु माने तो वैट बसूला जाए और यदि सर्विस माने तो सर्विस टैक्स लेकिन यह एक अपवाद के रूप में देखा जाता रहा। अब ऐसी परेशानियों से अपको निजात मिलेगी।


नहीं लगेगा 28 फीसदी टैक्स —

जीएसटी को लेकर सबसे बड़ी अफवाह ये है कि आप कोई भी वस्तु खरीदेंगे तो आपको नई व्यवस्था में 28 फीसदी टैक्स देना होगा। वास्तविकता में ऐसा नहीं है। सरकार ने जीएसटी को पांच स्लेब्स में बांटा है।

  • — टैक्स फ्री
  • — 5 प्रतिशत टैक्स
  • — 12 प्रतिशत टैक्स
  • — 18 प्रतिशत टैक्स
  • — 28 प्रतिशत टैक्स

रोजमर्रा की जरूरत के सामान होंगे सस्ते—

केन्द्र सरकार ने करीब 80 फीसदी वस्तुओं पर जीएसटी की दर तय कर दी है। अब तक जिन रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुओं पर हमें अलग अलग मिलाकर 24 से 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता था अब उन्ही वस्तुओं पर जीएसटी के रूप में 12 से 18 फीसदी टैक्स देना होगा। राज्य सरकारों की सिफारिश पर जिन वस्तुओं को वैट में छूट मिली हुई थी उन्हें छूट दी जा सकती है। जिसमें हैंडलूम उत्पादों को शामिल किया जा सकता है।


लग्जरी और मंहगी वस्तुओं पर लगेगा 28 फीसदी जीएसटी—

अब तक सामने आई खबरों के मुताबिक जीएसटी का सबसे ऊंचा स्लेब 28 फीसदी का होगा। इसमें उन व​स्तुओं को शामिल किया जाएगा जिन्हें लग्जरी और अमीर वर्ग प्रयोग में लाता है। जैसे मंहगी कारें। विदेश से आयात होने वाली वस्तुएं। हालांकि इस श्रेणी में भी फाइव स्टार होटल्स को लेकर राहत की खबरें आ रहीं हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि फाइव स्टार होटल्स में ठहरना और खाना सस्ता होगा। फाइव स्टार होटलों के बिल पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा।




फिलहाल हमें कुछ दिन और इंतजार करना चाहिए। जल्द ही केन्द्र सरकार औपचारिक रूप से जीएसटी टैक्स स्लेब्स और उनके अंतर्गत आने वाली वस्तुओं और सेवाओं की जानकारी सार्वजनिक करेगी।

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