जीएसटी पर और मंथन की जरूरत, केंद्र सरकार जल्दबाज़ी न करे: ममता बनर्जी

आधार लिंकिंग पर ममता को फटकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा संसद में बने कानून का राज्य सरकारें न करे विरोध

नई दिल्ली। GST (वस्तु एवं सेवा कर) देश भर में 1 जुलाई से लागू हो जाएगा, जिसको लेकर तमाम सियासी दल चिंतित नज़र आ रहे है। कुछ राजनीतिक दिग्गजों का मानना है कि इस विषय पर केंद्र सरकार को थोड़ा और मंथन करना चाहिए थे। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार की जल्दबाजी अनावश्यक है और इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।

यह नोटबंदी के बाद सरकार की दूसरी ऐतिहासिक गलती होगी। उन्होंने कहा, “जीएसटी के लागू होने को लेकर हम बेहद चिंतित हैं। यह जल्दबाजी अनावश्यक है और विनाशकारी साबित हो सकती है। यह नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार की दूसरी ऐतिहासिक गलती होगी। हम शुरुआत से ही जीएसटी का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह इसे लागू करने को लेकर केंद्र सरकार आगे बढ़ रही है, उसे लेकर अब हम बेहद चिंतित हैं।”

{ यह भी पढ़ें:- फ्रांस को पछाड़ दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत }

ममता ने फेसबुक पोस्ट में कहा, “जीएसटी लागू करने के लिए और अधिक समय देने के हमारे बार-बार के सुझाव को अनसुना कर दिया गया।”
केंद्र के इस कदम के विरोध स्वरूप तृणमूल कांग्रेस जीएसटी को लागू करने को लेकर 30 जून की आधी रात को संसद में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगी।

{ यह भी पढ़ें:- ताजमहल को लेकर केंद्र पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, कहा- सहेज नहीं सकते, तो ढहा दो }

नई दिल्ली। GST (वस्तु एवं सेवा कर) देश भर में 1 जुलाई से लागू हो जाएगा, जिसको लेकर तमाम सियासी दल चिंतित नज़र आ रहे है। कुछ राजनीतिक दिग्गजों का मानना है कि इस विषय पर केंद्र सरकार को थोड़ा और मंथन करना चाहिए थे। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार की जल्दबाजी अनावश्यक है और इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह नोटबंदी के बाद सरकार…
Loading...