510 बसों को एक साथ चलाकर बनाया विश्व रिकार्ड, गिनीज बुक में हुआ दर्ज

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510 बसों को एक साथ चलाकर बनाया विश्व रिकार्ड, गिनीज बुक में हुआ दर्ज

लखनऊ। कुम्भ मेला में चलाई गयी 500 से अधिक शटल बसों को मेला समापन के पूर्व कतारबद्ध कर नेशनल हाईवे-19 पर सहसों से नवाबगंज के बीच चलाया गया। 510 बसों को एक साथ चलाकर विश्व रिकार्ड बनाने हेतु गिनीज विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज कराने के लिएये बसें संचालित की गयीं, जिसमें अपरान्ह गिनीज विश्व रिकार्ड बुक के पर्यवेक्षकों ने 503 बस को एकता, अनुशासन और समन्वय के साथ निर्धारित मानकों पर खरी उतरने पर नये विश्व रिकार्ड की घोषणा की।

Guinness World Record Prayagraj Largest Parade Buses At Kumb Mela :

इंट्रीग्रेटेड कन्ट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर में अपरान्ह 03 बजे गिनीज विश्व रिकार्ड बुक के मुख्य निर्णायक अधिकारी ऋषिनाथ तथा उनकी टीम ने 503 बसों का एक साथ निर्धारित मानक के अनुसार 2 मील तक संचालन पाये जाने पर नये विश्व कीर्तिमान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व एक साथ 390 बसों के संचालन का विश्व कीर्तिमान सयुंक्त अरब अमीरात ने 2010 में हासिल किया था।

कुम्भ मेला प्रशासन में यात्रियों की सुविधा के लिए अनेक सफल प्रयोग किये थे। जिनमें यात्रियों को पार्किंग स्थलों तथा नगर के विभिन्न क्षेत्र से मेला क्षेत्र में लाने एवं ले जाने के लिए शटल बसों का सफल संचालन भी एक उदाहण है। वर्ष भर पहले से बनायी जा रही मेला प्रशासन की इस योजना का सफल परिणाम मेले के दौरान सुगम यातायात के रूप में देखने को मिला है। 22 करोड़ से अधिक जनसंख्याके आवागमन तथा यातायात संचालन में शटल बसों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मेला समापन के पूर्व इन सभी 510 शटल बसों को कतारबद्ध कर अनुशासित रूप से संचालित करने का एक कीर्तिमान भी मेला प्राधिकरण द्वारा आज 28 फरवरी 2019 को प्रातः 08.00 बजे से नेशनल हाइवे-19 पर सहसों के पास स्थापित किया गया। 8 किलोमीटर से अधिक दूरी में खड़ी 510 शटल बसों को एक साथ चलाकर एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। इस कार्यक्रम को स्वयं गिनीज बुक रिकार्ड के पर्यवेक्षक ने भी उपस्थित होकर इसे देखा।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 510 बसों के काफिले को प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला तथा मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने झण्डी दिखाकर रवाना किया। प्रमुख सचिव, परिवहन आराधना शुक्ला ने शटल बसों के रिकार्ड संचालन पर उपस्थित लोगो को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक रिकार्ड नही है। यह कुम्भ मेला में की गयी व्यवस्थाओं का अभिलेखीकरण भी है, जो प्रदर्शित करेगा कि कुम्भ मेला में कार्यो को किस तरह से किया गया। यह कुम्भ मेले में किये गये नये प्रयोगों तथा नये मानकों का एक अभिलेखीकरण है। जिसे विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक प्रयास किया गया है।

मण्डलायुक्त डाॅ. आशीष कुमार गोयल ने इस अवसर पर कहा कि 510 शटल बसों की यह परेड विश्व के लिए एक रिकार्ड है। इससे पहले यूएई में 390 बसों के साथ संचालन का रिकार्ड बनाया गया था, जिसे आज 510 शटल बसों को एक साथ चलाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रिकार्ड को तोड़ने से कुम्भ मेला में की गयी सफल ट्राफिक प्रबन्धन, आवागमन प्लान, भीड़ प्रबन्धन की योजना को विश्व के सामने मानक के रुप में रखा गया है। उन्होने कहा कि कुम्भ मेला के दौरान 5 लाख से भी अधिक वाहनों की पार्किंग की गयी है तथा 500 से अधिक शटल बसों का संचालन किया गया है, जिसमें अब तक 60 लाख से अधिक यात्रियों को सफर कराया जा चुका है, जो अपने आप में ही एक कीर्तिमान है।

उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला के दौरान भीड़ प्रबन्धन के लिए शटल बसों को उपयोग कर शहर की यातायात प्रबन्धन की व्यवस्था की गयी। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ रिकार्ड के लिए बल्कि कुम्भ में की गयी विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को एक मानक के रूप में प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम में डीआईजी मेला के.पी. सिंह, मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द तथा परिवहन विभाग के क्षेत्रीय प्रबन्धक हरिश्चन्द्र के साथ विभाग के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

लखनऊ। कुम्भ मेला में चलाई गयी 500 से अधिक शटल बसों को मेला समापन के पूर्व कतारबद्ध कर नेशनल हाईवे-19 पर सहसों से नवाबगंज के बीच चलाया गया। 510 बसों को एक साथ चलाकर विश्व रिकार्ड बनाने हेतु गिनीज विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज कराने के लिएये बसें संचालित की गयीं, जिसमें अपरान्ह गिनीज विश्व रिकार्ड बुक के पर्यवेक्षकों ने 503 बस को एकता, अनुशासन और समन्वय के साथ निर्धारित मानकों पर खरी उतरने पर नये विश्व रिकार्ड की घोषणा की। इंट्रीग्रेटेड कन्ट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर में अपरान्ह 03 बजे गिनीज विश्व रिकार्ड बुक के मुख्य निर्णायक अधिकारी ऋषिनाथ तथा उनकी टीम ने 503 बसों का एक साथ निर्धारित मानक के अनुसार 2 मील तक संचालन पाये जाने पर नये विश्व कीर्तिमान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व एक साथ 390 बसों के संचालन का विश्व कीर्तिमान सयुंक्त अरब अमीरात ने 2010 में हासिल किया था। कुम्भ मेला प्रशासन में यात्रियों की सुविधा के लिए अनेक सफल प्रयोग किये थे। जिनमें यात्रियों को पार्किंग स्थलों तथा नगर के विभिन्न क्षेत्र से मेला क्षेत्र में लाने एवं ले जाने के लिए शटल बसों का सफल संचालन भी एक उदाहण है। वर्ष भर पहले से बनायी जा रही मेला प्रशासन की इस योजना का सफल परिणाम मेले के दौरान सुगम यातायात के रूप में देखने को मिला है। 22 करोड़ से अधिक जनसंख्याके आवागमन तथा यातायात संचालन में शटल बसों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मेला समापन के पूर्व इन सभी 510 शटल बसों को कतारबद्ध कर अनुशासित रूप से संचालित करने का एक कीर्तिमान भी मेला प्राधिकरण द्वारा आज 28 फरवरी 2019 को प्रातः 08.00 बजे से नेशनल हाइवे-19 पर सहसों के पास स्थापित किया गया। 8 किलोमीटर से अधिक दूरी में खड़ी 510 शटल बसों को एक साथ चलाकर एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। इस कार्यक्रम को स्वयं गिनीज बुक रिकार्ड के पर्यवेक्षक ने भी उपस्थित होकर इसे देखा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 510 बसों के काफिले को प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला तथा मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने झण्डी दिखाकर रवाना किया। प्रमुख सचिव, परिवहन आराधना शुक्ला ने शटल बसों के रिकार्ड संचालन पर उपस्थित लोगो को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक रिकार्ड नही है। यह कुम्भ मेला में की गयी व्यवस्थाओं का अभिलेखीकरण भी है, जो प्रदर्शित करेगा कि कुम्भ मेला में कार्यो को किस तरह से किया गया। यह कुम्भ मेले में किये गये नये प्रयोगों तथा नये मानकों का एक अभिलेखीकरण है। जिसे विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक प्रयास किया गया है। मण्डलायुक्त डाॅ. आशीष कुमार गोयल ने इस अवसर पर कहा कि 510 शटल बसों की यह परेड विश्व के लिए एक रिकार्ड है। इससे पहले यूएई में 390 बसों के साथ संचालन का रिकार्ड बनाया गया था, जिसे आज 510 शटल बसों को एक साथ चलाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रिकार्ड को तोड़ने से कुम्भ मेला में की गयी सफल ट्राफिक प्रबन्धन, आवागमन प्लान, भीड़ प्रबन्धन की योजना को विश्व के सामने मानक के रुप में रखा गया है। उन्होने कहा कि कुम्भ मेला के दौरान 5 लाख से भी अधिक वाहनों की पार्किंग की गयी है तथा 500 से अधिक शटल बसों का संचालन किया गया है, जिसमें अब तक 60 लाख से अधिक यात्रियों को सफर कराया जा चुका है, जो अपने आप में ही एक कीर्तिमान है। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला के दौरान भीड़ प्रबन्धन के लिए शटल बसों को उपयोग कर शहर की यातायात प्रबन्धन की व्यवस्था की गयी। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ रिकार्ड के लिए बल्कि कुम्भ में की गयी विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को एक मानक के रूप में प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम में डीआईजी मेला के.पी. सिंह, मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द तथा परिवहन विभाग के क्षेत्रीय प्रबन्धक हरिश्चन्द्र के साथ विभाग के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।