तुगलकी फरमान: लड़कियों के मोबाइल रखने पर लगाई रोक, पकड़े जाने पर पिता देगा 1.50 लाख का जुर्माना

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तुगलकी फरमान: लड़कियों के मोबाइल रखने पर लगाई रोक, पकड़े जाने पर पिता देगा 1.50 लाख का जुर्माना

गुजरात। 21वीं सदी जहां महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। उसी समाज में समय-समय पर महिलाओं को दबाने के लिए तुगलकी फरमान जारी किए जाते हैं। गुजरात में ठाकोर समुदाय ने अपनी अविवाहित लड़कियों के मोबाइल रखने पर रोक लगा दी है।

Gujarat S Thakor Community Banned Keeping Mobile For Virgin Girls :

समुदाय का मानना है कि अविवाहित लड़कियों का मोबाइल रखना सही नहीं है। रविवार को ठोकर समुदाय के लोगों ने एक पंचायत रखी। नए नियमों के मुताबिक अविवाहित लड़कियों को फोन नहीं दिया जाएगा और अगर कोई लड़की इस नियम को तोड़ती है तो इसे अपराध माना जाएगा। सजा के तौर पर लड़की के पिता से 1.50 लाख रुपए लिए जाएंगे। इसके अलावा अगर लड़की घर वालों की सहमति के बिना शादी करती है तो उसे भी पंचायत ने अपराध माना है।

जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि पंचायत ने समाजहित में भी कई फैसले लिए हैं। विवाह में फिजूलखर्ची रोकने के लिए डीजे और आतिशबाजी पर रोक लगाने का निर्णय भी किया गया है। मोबाइल फोन रखने और जुर्माना लगाने के मुद्दे पर चर्चा हुई है, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है।

गांव का यह संविधान कोटडा, गागुडा, ओडवा, हरियावाडा, मारपुरिया, शेरगढ़, तालेपुरा, रानडोल, रतनपुर, दनारी और वेलावास गांव में लागू होगा

गुजरात। 21वीं सदी जहां महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। उसी समाज में समय-समय पर महिलाओं को दबाने के लिए तुगलकी फरमान जारी किए जाते हैं। गुजरात में ठाकोर समुदाय ने अपनी अविवाहित लड़कियों के मोबाइल रखने पर रोक लगा दी है। समुदाय का मानना है कि अविवाहित लड़कियों का मोबाइल रखना सही नहीं है। रविवार को ठोकर समुदाय के लोगों ने एक पंचायत रखी। नए नियमों के मुताबिक अविवाहित लड़कियों को फोन नहीं दिया जाएगा और अगर कोई लड़की इस नियम को तोड़ती है तो इसे अपराध माना जाएगा। सजा के तौर पर लड़की के पिता से 1.50 लाख रुपए लिए जाएंगे। इसके अलावा अगर लड़की घर वालों की सहमति के बिना शादी करती है तो उसे भी पंचायत ने अपराध माना है। जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि पंचायत ने समाजहित में भी कई फैसले लिए हैं। विवाह में फिजूलखर्ची रोकने के लिए डीजे और आतिशबाजी पर रोक लगाने का निर्णय भी किया गया है। मोबाइल फोन रखने और जुर्माना लगाने के मुद्दे पर चर्चा हुई है, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है। गांव का यह संविधान कोटडा, गागुडा, ओडवा, हरियावाडा, मारपुरिया, शेरगढ़, तालेपुरा, रानडोल, रतनपुर, दनारी और वेलावास गांव में लागू होगा