GST सही या गलत गुजरात चुनाव के नतीजे बताएंगे: अरुण जेटली

GST सही या गलत गुजरात चुनाव के नतीजे बताएंगे: अरुण जेटली

नई दिल्ली। अमेरिका का छह दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली कहा कि भारत ने सही समय पर संरचनात्मक सुधार किए हैं। जिनका लाभ लंबे समय तक मिलेगा। नोटबंदी पर जिस तरह के सवाल खड़े किए गए थे उसका जवाब उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिल गया था। अब जीएसटी को लेकर कारोबारियों की नाराजगी की बात की जा रही है तो निश्चित ही गुजरात के विधान सभा चुनावों के बात स्पष्ट हो जाएगा कि जीएसटी सही है या गलत।

Gujrat Election Will Clear Gst Is Right Or Wrong Says Arun Jaitley :

उन्होंने कहा कि भारत एक तेजी से बढ़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था है। जिसके लिए कुछ चीजों को पटरी पर लाने की जरूरत थी। यह एक सही समय था, इसलिए हमें फैसलों के लिए हमने मंदी आने तक का इंतजार नहीं किया।

आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भारत के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे अरुण जेटली ने कहा कि भारतीय निवेशकों और अमेरिकी कंपनियों का हमारे बाजार पर भरोसा बढ़ा है। अमेरिकी कंपनियां भारत में बड़े निवेश करने में दिलचस्पी ले रहीं हैं। नवंबर में कई बडे अमेरिकी कार्पोरेट भारत में निवेश करने वाले हैं।

उन्होंने भारत की निवेश नीति को सरल बताते हुए कहा कि भारत सर्वाधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हासिल करने वाले देशों में रहा है। भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर रिश्ते बेहद परिपक्व हैं।

नई दिल्ली। अमेरिका का छह दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली कहा कि भारत ने सही समय पर संरचनात्मक सुधार किए हैं। जिनका लाभ लंबे समय तक मिलेगा। नोटबंदी पर जिस तरह के सवाल खड़े किए गए थे उसका जवाब उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिल गया था। अब जीएसटी को लेकर कारोबारियों की नाराजगी की बात की जा रही है तो निश्चित ही गुजरात के विधान सभा चुनावों के बात स्पष्ट हो जाएगा कि जीएसटी सही है या गलत।उन्होंने कहा कि भारत एक तेजी से बढ़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था है। जिसके लिए कुछ चीजों को पटरी पर लाने की जरूरत थी। यह एक सही समय था, इसलिए हमें फैसलों के लिए हमने मंदी आने तक का इंतजार नहीं किया।आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भारत के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे अरुण जेटली ने कहा कि भारतीय निवेशकों और अमेरिकी कंपनियों का हमारे बाजार पर भरोसा बढ़ा है। अमेरिकी कंपनियां भारत में बड़े निवेश करने में दिलचस्पी ले रहीं हैं। नवंबर में कई बडे अमेरिकी कार्पोरेट भारत में निवेश करने वाले हैं।उन्होंने भारत की निवेश नीति को सरल बताते हुए कहा कि भारत सर्वाधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हासिल करने वाले देशों में रहा है। भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर रिश्ते बेहद परिपक्व हैं।