1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. नेता बनने की चाहत लिए डीजीपी पद से वीआरएस लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय बने कथावाचक

नेता बनने की चाहत लिए डीजीपी पद से वीआरएस लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय बने कथावाचक

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडये अपने बयान के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया था, जिसके बाद वह नीतीश कुमार की पार्टी का दामन थाम लिए थे। हालांकि चुनाव में उन्हें नीतीश कुमार ने टिकट नहीं दिया।

By शिव मौर्या 
Updated Date

पटना। बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडये अपने बयान के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया था, जिसके बाद वह नीतीश कुमार की पार्टी का दामन थाम लिए थे। हालांकि चुनाव में उन्हें नीतीश कुमार ने टिकट नहीं दिया।

पढ़ें :- सीमांचल में अमित शाह का आज दूसरा दिन, लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बन रही अहम रणनीति

वहीं अब उन्होंने धर्म-अध्यात्म की दुनिया में प्रवेश कर लिया है और कथावाचक बन गए हैं। कथा सुनाते हुए वे लोगों को कानून की धाराएं समझाते हैं। बता दें कि, बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद पूर्व डीजीपी ने अपने बयान से खूब सुर्खियां बटोंरी थीं।

इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने डीजीपी के पद से वीआरएस ले ली थी। चर्चा थी कि वे चुनाव लड़ेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब सोशल मीडिया पर उनका कथा करते हुए वीडियो वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो के एक पोस्टर में कथावाचक के तौर पर पूर्व डीजीपी की तस्वीर लगी है और लोगों को जूम ऐप के जरिए कथा वाचन से जुड़ने का आमंत्रण दिया गया है।

तस्वीर में पांडेय गेरुआ वस्त्र पहनकर भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं और श्रीमद्भागवत कथा सुना रहे हैं। कथा सुनने के लिए जारी पोस्टर में जूम आईडी और पासकोड दिया गया है। इसमें लिखा है कि यह कथा दोपहर के दो बजे से तीन बजे तक होगी

 

पढ़ें :- Amit Shah Bihar Visit: बिहार में गृह मंत्री अमित शाह करेंगे दो दिवसीय दौरा

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...