राम रहीम मामला : इन 10 कारणों से भड़की हिंसा, कारणों पर एक नजर !

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े रेप केस में शुक्रवार 25 अगस्त को फैसला आना था. यह बात राज्य सरकार और जिला प्रशासन को पहले से ही पता था. मामला तब और गंभीर हो गया था जब डेरा समर्थक कोर्ट के फैसले से पहले राज्य के अलग अलग शहरों से पंचकूला पहुंचने लगे. हजारों समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हो गई और प्रशासन दो दिनों तक केवल तैयारी ही करता रहा है. राज्य सरकार स्थिति के काबू में होने की बात कहती रही. फिर भी फैसले की घड़ी में सरकार का इंतजाम फेल साबित हो गया.

इन 10 कारणों से भड़की हिंसा :

  1. सरकार ने फैसले से पहले स्थिति का आकलन ठीक से नहीं किया.
  2. सरकार की इंटेलिजेंस यूनिट और गैदरिंग की हुई नाकाम.
  3. डेरा समर्थकों के मूवमेंट पर पैनी नजर नहीं रख पाई सरकार. या कहें नजर रखने में नाकाम रही सरकार.
  4. डेरा समर्थकों को एकत्र होने क्यों दिया सरकार ने.
  5. राज्य सरकार ने डेरा समर्थकों को समझाने का कोई प्रयास नहीं किया.
  6. लाखों डेरा समर्थकों के पंचकूला में पहुंचने के बाद भी सरकार ने नहीं किया सुरक्षा का खास इतंजाम
  7. धारा 144 लगा दिए जाने के बाद भी लोग पार्कों और सड़कों में डटे रहे.
  8. कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस और प्रशासन डेरा समर्थकों को शहर से बाहर करने में रहा नाकाम.
  9. पुलिस प्रशासन ने हजारों समर्थकों को अस्थाई जेलों में भेजने का किया था दावा.
  10. फैसला आते ही बेकाबू हुए समर्थकों ने काटा बवाल. किया करोड़ों का नुकसान.

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