Update: बलात्कारी राम-रहीम को 10 नहीं 20 साल रहना होगा जेल में

रोहतक। बलात्कार के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 15 साल पहले दो साध्वी के साथ रेप के दोनों मामले में अलग-अलग 10 साल की सजा सुनाई है। राम रहीम को फिलहाल 20 साल की सजा होगी। राम रहीम के वकील ने बताया, राम रहीम पर दो अलग-अलग केस में 10-10 साल की सजा सुनायी गयी है।

दरअसल, गुरमीत राम रहीम पर तीन धाराएं 376, 509 और 511 लगी थी। कोर्ट में फैसले के बाद इस पर भी चर्चा की, 376 में जो सजा सुनायी गयी है उसके साथ अन्य धाराओं की सजा भी साथ चलेगी या उन धाराओं की सजा अलग से चलेगी। इसके बाद साफ हो गया है कि राम रहीम को बीस साल जेल में रहना पड़ेगा।

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वहीं कोर्ट ने अपने फैसले में राम रहीम सिंह पर 30 लाख जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की इस रकम में से इस केस की दोनों पीड़ित साधवियों को 14-14 लाख देने होंगे। बता दें कि इस केस की सुनवाई के लिए रोहतक जेल के अंदर कोर्ट रूम बनाया गया था।

रोहतक की सुनारिया जेल की लाइब्रेरी में बनाए गए अस्थाई कोर्ट रूम में सुनवाई कर रहे सीबीआई अदालत के जज जगदीप सिंह के पहुंचते ही मौके पर मौजूद गुरुमीत राम रहीम ने हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाई। गुरुमीत की गुहार को नजरंदाज करते हुए जज ने उन्हें कोर्ट रूम से बाहर जाने का आदेश देते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

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गुरूमीत राम रहीम का पक्ष रख रहे वकीलों ने सजा सुनाए जाने से पहले अदालत के सामने कहा कि अदालत को बाबा के द्वारा डेरा के माध्यम से किए जाने वाले सामाजिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए सजा सुनानी चाहिए। बाबा ने पिछले कुछ सालों में सेना के लिए ब्लड बैंक चलाने, स्वच्छता अभियान और अनाथ बच्चों के भरण पोषण से लेकर शिक्षा तक के कार्य किए है। यदि बाबा को कठोर सजा दी जाती है तो बाबा पर निर्भर लोगों के जीवन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

वहीं दूसरी ओर बाबा को आजीवन कारावास की सजा देने की मांग करते हुए सीबीआई के वकील ने कहा कि बाबा ने अपने आश्रम में कई साध्वियों का न सिर्फ शारीरिक शोषण किया है बल्कि उन्होंने एक नाबालिग साध्वी का भी शील भंग किया है। नाबालिग के शारीरिक शोषण के मामले मेंं बाबा को आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए। हालांकि अदालत ने नाबालिग साध्वी के शारीरिक शोषण के आरोप को साक्ष्यों की कमी को आधार बनाते हुए अस्वीकार कर दिया।

कैदी नंबर 1997 बने बाबा गुरूमीत राम रहीम –

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अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल के कैदी नंबर 1997 के रूप में नई पहचान दी गई है। राम रहीम को स्वास्थ जांच के बाद जेल भेजा जाना है। जहां वह मंलगवार से एक आम सजाभोगी कैदी की तरह काम करेंगे।

हाईकोर्ट जाएगा डेरा –

सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद गुरुमीत राम रहीम के वकील हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस फैसले का विरोध करेंगे। वहीं कानूनी जानकारों की माने तो बाबा पर साबित हुए आरोपों के बाद उन्हें किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद न के बराबर है।

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