बाबा बलात्कारी का ‘लाल बैग’ या फिर इसे कहे बवाल बैग, जाने क्यों

चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह दोषी करार दिये जाने के बाद भागने वाला था इसके लिए इसने फूलप्रूफ प्लान बनाया था हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से राम रहीम को इसमे कामयाबी नहीं मिली। लेकिन बाबा ने जिस फिल्मी अंदाज़ में यह शातिरना प्लान बनाया था उसे जान आपके भी होश उड़ जाएंगे। दरअसल पुलिस महकमे की माने तो बाबा ने कई सारे कोर्डवर्ड निर्धारित किए थे जिसके जरिये वह प्रशासन को चकमा देकर भागने के फिराक में था। इस दौरान बाबा ने एक लाल बैग का भी प्रयोग किया था जिसके इशारों पर उसके समर्थकों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

राम रहीम को पिछले हफ्ते दुष्‍कर्म मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दोषी करार दिया गया था। उसको भी पहले से अंदाजा लग गया था कि वह दोषी करार दिया जाएगा। इसलिए उसने फरार होने की एक साजिश रची थी। अदालत से बाहर आने के बाद अपनी गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत से ‘लाल बैग’ मांगना इसी साजिश का हिस्‍सा था, जिसे सिरसा लाया गया था।

{ यह भी पढ़ें:- एक और बाबा हुआ बेनकाब, युवती को मंत्र का झांसा देकर कर दिया रेप }

पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी केके राव ने बताया कि जैसे ही राम रहीम को पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने दोषी ठहराया, उसने अलाल रंग का बैग मांगा। यह बैग सिरसा से लाया गया था। राव ने बताया कि जैसे ही बैग गाड़ी से बाहर निकाला गया, दो तीन किलोमीटर दूर से आंसू गैस के गोले छूटने की आवाजें आने लगीं।

आईजी ने दावा किया, ‘तभी हमें बात समझ आ गई कि इस इशारे के पीछे कोई मतलब है।’ उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का संदेह उस वक्त और गहरा गया, जब गुरमीत और उसकी गोद ली गई बेटी हनीप्रीत पंचकूला अदालत परिसर के गलियारे में काफी लंबे समय तक खड़े रहे, जबकि उन्हें वहां खड़ा नहीं होना था। असल में वे लोग गाड़ी में बैठने से पहले थोड़ा समय चाहते थे जिससे उनके लोगों को यह संदेश फैला सकें कि वे लोग कोर्ट परिसर से जा रहे हैं। उनसे यह कहा गया कि अब वे वहां खड़े नहीं रहें। भीड़ कभी भी कोर्ट परिसर तक पहुंच सकती है।

{ यह भी पढ़ें:- पुलिस के सामने बिलखती रही हनीप्रीत, सिर हिलाकर ना में ही देती रही जवाब }

 

Loading...