गुरुग्राम: निर्माणाधीन चार मंज़िला इमारत ढही, आठ लोग मलबे में दबे

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गुरुग्राम: निर्माणाधीन चार मंज़िला इमारत ढही, आठ लोग मलबे में दबे

नई दिल्ली। हरियाणा के गुरुग्राम में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक निर्माणाधीन चार मंज़िला इमारत के ढहने से करीब आठ मजदूर मलबे में दब गए। मौके पर पहुंचे राहत और बचाव दल ने काम शुरू कर दिया है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), अपने नजदीकी बेस कैंप से घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। दमकल विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

Gurugram Building Collapsed Five People Are Trapped After A Four Storey :

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशम सिंह ने कहा कि बचाव दल को कंक्रीट, लोहे की ग्रिल और मलबे को हटाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सात लोगों के फंसे होने की आशंका है। सभी मजदूर हैं। सिंह ने कहा, “इमारत पहले तीन मंजिला थी। चौथी मंजिल के लिए बुधवार को एक और कंक्रीट की छत रखी गई थी, जो पहले ढही और फिर फौरन ही पूरी इमारत के ढहने का कारण बनी।”

वहीं पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी को नहीं बचाया गया है क्योंकि बचाव टीम अभी भी फंसे हुए लोगों को ढूंढ रही है। वे अभी भी मलबे और लोहे के ग्रिल को हटा रहे हैं। प्रयास जारी है।इमारत उल्लावास गांव के रहने वाले एक शख्स की है, जो 125 वर्ग गज जमीन पर बनी थी। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। पुलिस से अपुष्ट चश्मदीद गवाहों ने पहले 20 लोगों के फंसने की आशंका जताई थी।

नई दिल्ली। हरियाणा के गुरुग्राम में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक निर्माणाधीन चार मंज़िला इमारत के ढहने से करीब आठ मजदूर मलबे में दब गए। मौके पर पहुंचे राहत और बचाव दल ने काम शुरू कर दिया है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), अपने नजदीकी बेस कैंप से घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। दमकल विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशम सिंह ने कहा कि बचाव दल को कंक्रीट, लोहे की ग्रिल और मलबे को हटाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सात लोगों के फंसे होने की आशंका है। सभी मजदूर हैं। सिंह ने कहा, "इमारत पहले तीन मंजिला थी। चौथी मंजिल के लिए बुधवार को एक और कंक्रीट की छत रखी गई थी, जो पहले ढही और फिर फौरन ही पूरी इमारत के ढहने का कारण बनी।" वहीं पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी को नहीं बचाया गया है क्योंकि बचाव टीम अभी भी फंसे हुए लोगों को ढूंढ रही है। वे अभी भी मलबे और लोहे के ग्रिल को हटा रहे हैं। प्रयास जारी है।इमारत उल्लावास गांव के रहने वाले एक शख्स की है, जो 125 वर्ग गज जमीन पर बनी थी। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। पुलिस से अपुष्ट चश्मदीद गवाहों ने पहले 20 लोगों के फंसने की आशंका जताई थी।