‘जय श्रीराम’ वाले मामले में आया नया मोड़, CCTV फुटेज में हुआ खुलासा

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CCTV फुटेज में खुलासा, मुस्लिम युवक की न टोपी फेंकी और न फाड़ी गई शर्ट

नई दिल्ली। हरियाणा के गुरुग्राम में जामा मस्जिद के पास शनिवार (25 मई) रात कथित तौर पर मुस्लिम युवक की टोपी फेंकने और उससे जबरन ‘जय श्रीराम’ बुलवाने वाले मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुस्लिम युवक मोहम्मद बरकत अली के साथ मारपीट जरूर की गई है, लेकिन न तो उसकी टोपी फेंकी गई और न ही किसी ने उसकी शर्ट फाड़ी गई थी।

Gurugram Muslim Youth Harassment Case No Sign Of Throwing Skull Cap In Cctv Footage :

CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

पुलिस की शुरुआती जांच में ही मुस्लिम युवक के आरोप निराधार नज़र आ रहे हैं। सीसीटीवी की फुटेज देखने पर सामने आया है कि युवक को आरोपी ने नहीं, बल्कि एक अन्य युवक ने रोका था. फुटेज में न तो शिकायतकर्ता युवक की टोपी फेंकी गई है। न ही उसके कपड़े फाड़ने की कोई घटना है।

पुलिस ने बताया कि कहासुनी के बाद दोनों में हाथापाई हुई थी, जिससे मुस्लिम युवक की टोपी गिर गई। ‘टोपी को उसने खुद ही उठाकर जेब में रख लिया था, किसी और ने उसे हाथ भी नहीं लगाया। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी बरकत अली की बाजू पर डंडा मारता नज़र आ रहा है।

पुलिस ने 50 कैमरे खंगाले

पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए 24 घंटे के अंदर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली है। फुटेज में नज़र आ रहा है कि मारपीट के बाद मामला शांत हो गया था। झगड़ा होता देख पास ही झाड़ू लगा रहा व्यक्ति मौके पर पहुंचा, जिसने दोनों पक्षों को छुड़वा दिया और मामले को शांत करवा दिया।

‘मारपीट की छोटी सी घटना’

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक मारपीट की छोटी सी घटना है जिसे कुछ असामाजिक तत्व सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। सच्चाई तो यह है कि गरुग्राम में शराब के नशे में मारपीट की मामूली सी घटना हुई है। आरोपी की पहचान के लिए फुटेज को लैब भेजकर साफ करवाया जा रहा है।

शिकायतकर्ता का आरोप

शिकायतकर्ता मोहम्मद बारकर आलम ने शिकायत में कहा था, “आरोपियों ने मुझे धमकी दी और कहा कि इलाके में टोपी पहनने की अनुमति नहीं है। उन्होंने टोपी उतार ली और मुझे थप्पड़ मारा। उन्होंने भारत माता की जय का नारा लगाने के लिए कहा। उनके कहने पर मैंने नारा लगाया। उसके बाद उन्होंने मुझे जय श्रीराम बोलने के लिए भी मजबूर किया, जिसे मैंने इंकार कर दिया। उसके बाद आरोपियों ने एक लाठी लेकर निर्दयता के साथ मेरे पैर और पीठ पर पीटा।”

नई दिल्ली। हरियाणा के गुरुग्राम में जामा मस्जिद के पास शनिवार (25 मई) रात कथित तौर पर मुस्लिम युवक की टोपी फेंकने और उससे जबरन ‘जय श्रीराम’ बुलवाने वाले मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुस्लिम युवक मोहम्मद बरकत अली के साथ मारपीट जरूर की गई है, लेकिन न तो उसकी टोपी फेंकी गई और न ही किसी ने उसकी शर्ट फाड़ी गई थी। CCTV फुटेज से हुआ खुलासा पुलिस की शुरुआती जांच में ही मुस्लिम युवक के आरोप निराधार नज़र आ रहे हैं। सीसीटीवी की फुटेज देखने पर सामने आया है कि युवक को आरोपी ने नहीं, बल्कि एक अन्य युवक ने रोका था. फुटेज में न तो शिकायतकर्ता युवक की टोपी फेंकी गई है। न ही उसके कपड़े फाड़ने की कोई घटना है। पुलिस ने बताया कि कहासुनी के बाद दोनों में हाथापाई हुई थी, जिससे मुस्लिम युवक की टोपी गिर गई। 'टोपी को उसने खुद ही उठाकर जेब में रख लिया था, किसी और ने उसे हाथ भी नहीं लगाया। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी बरकत अली की बाजू पर डंडा मारता नज़र आ रहा है। पुलिस ने 50 कैमरे खंगाले पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए 24 घंटे के अंदर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली है। फुटेज में नज़र आ रहा है कि मारपीट के बाद मामला शांत हो गया था। झगड़ा होता देख पास ही झाड़ू लगा रहा व्यक्ति मौके पर पहुंचा, जिसने दोनों पक्षों को छुड़वा दिया और मामले को शांत करवा दिया। ‘मारपीट की छोटी सी घटना’ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक मारपीट की छोटी सी घटना है जिसे कुछ असामाजिक तत्व सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। सच्चाई तो यह है कि गरुग्राम में शराब के नशे में मारपीट की मामूली सी घटना हुई है। आरोपी की पहचान के लिए फुटेज को लैब भेजकर साफ करवाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप शिकायतकर्ता मोहम्मद बारकर आलम ने शिकायत में कहा था, “आरोपियों ने मुझे धमकी दी और कहा कि इलाके में टोपी पहनने की अनुमति नहीं है। उन्होंने टोपी उतार ली और मुझे थप्पड़ मारा। उन्होंने भारत माता की जय का नारा लगाने के लिए कहा। उनके कहने पर मैंने नारा लगाया। उसके बाद उन्होंने मुझे जय श्रीराम बोलने के लिए भी मजबूर किया, जिसे मैंने इंकार कर दिया। उसके बाद आरोपियों ने एक लाठी लेकर निर्दयता के साथ मेरे पैर और पीठ पर पीटा।”