हमीरपुर में जैविक खेती के गुर सीखने लगे किसान

हमीरपुर: सूबे के मुखिया अखिलेश यादव ने हमीरपुर जिले को जैविक जिला घोषित कर जैविक खेती के लिए किसानो को प्रोत्साहित करने पहल की है, हमीरपुर जिला प्रदेश का पहला मॉडल है जहां पर प्रदेश सरकार ने किसानो को रासायनिक उर्वरकों के प्रयोगो को रोकने के साथ जैविक उर्वरक के उपयोग करने और जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। प्रशाशन किसानों की गोष्टी करा रहा है, और उनको जैविक खेती करने के लिये जागरूक किया जा रहा है, जिसमे जैविक खेती से होने वाले फायदे के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही साथ कम पानी में पैदा होने वाली फसलों के निशुल्क बीज वितरण भी किये गए।




सैकड़ों की तादात में बैठे यह वह किसान हैं जो पिछले डेढ़ दशक से बुन्देलखण्ड में पड़े सूखे और अकाल से टूट चुके हैं, सूखे के हालात में भी इन किसानों को बेहतर खेती करने को मिले, उसके लिये सूबे के मुखिया ने जैविक खेती करने की बात करते हुए हमीरपुर से इसकी शुरुआत की है, लेकिन जैविक खेती कैसे की जाये, और कम पानी में भी बेहतर पैदावार हो और यहाँ बैठे इन तमाम किसानों को बेहतर मुनाफा हो इसकी ट्रेनिंग देने के लिये जिला प्रशाशन ने आये दिन गोष्टियाँ करानी शुरू कर दी हैं। और गाँव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी के साथ यहाँ एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर वो किसानो को कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली सुपर फ़ूड चिया, किलवा, लेड वीत,सवा जैसे बीजो को निशुल्क वितरित कर रहे है।




आज हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के नजरपुर में ऐसे ही जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक गोष्टी का आयोजन और प्रशिक्षण केन्द का उद्घाटन किया गया जिसमे सैकडो किसानो ने पहुंचकर जैविक खेती करने के गुर सीखे। वैसे सरकार ने जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक ब्लाक से 20 गाँव का चयन किया गया है, जैविक खेती करने वालों को सरकार 8 से 10 हज़ार रुपया अनुदान राशि भी देगी। जो किसानो को तीन साल तक दिया जायेगा और खुद आलाधिकारियो अपनी देख रेख में जैविक खेती की कमान सभाल रहे है।