Hariyali Teej 2018: जानिए क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज

Hariyali Teej 2018, हरियाली तीज
Hariyali Teej 2018: जानिए क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज

Hariyali Teej 2018

लखनऊ। हरियाली तीज(Haryali Teej) देश भर में विशेषकर उत्तर भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। हिन्दूी धर्म में श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन को कज्जली तीज व्रत भी कहा जाता हैं। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। खास बात यह है कि इस बार हरियाली तीज पर विशेष संयोग बन रहे हैं, इस दिन शिवयोग होने की वजह से पूजा-पाठ का कई गुणा अधिक फल मिलने वाला है।

मेंहदी रस्म

परंपरा है कि सुहागिन महिलाएं पूरे श्रृंगार करके मायके में तीज का व्रत रखती है। इस उत्सव को मेंहदी रस्म भी कह सकते हैं क्योंकि इस दिन महिलाएं अपने हाथों, कलाइयों और पैरों आदि पर विभिन्न कलात्मक मेंहदी रचाती हैं। इसलिए इसे मेहंदी पर्व भी कहा जाता है। इस उत्सव में कुंवारी कन्याओं से लेकर नवविवाहिता कन्याएं और सुहागन स्त्रियां शामिल होती हैं।

हरियाली तीज की पूजन विधि

  • इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान शिव और माता पार्वती की बालू से मूर्ति बनाकर पूजा करती हैं या फिर बाजार से लाकर पूजा करती हैं।
  • इस व्रत में सुहाग की चीजें अर्पित की जाती हैं।
  • भगवान शिव को वस्त्र आदि अर्पित किया जाता है।
  • पूजा के बाद हरियाली तीज की कथा सुनने का विधान है।
  • कथा जब भी सुनें पति का ही ध्यान लगाएं और हाथ अक्षत रखें।
  • कथा सुनने के बाद भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
  • इसके बाद उनको फूल और हाथ में रखे अक्षत चढ़ा दें।
  • आरती के बाद भगवान की परिक्रमा करें और उनसे आशीर्वाद मांगे।
  • रातभर माता पार्वती का स्मरण करते रहें।
  • अगले दिन सुबह उठकर माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करें और भगवान को भोग लगाएं।
  • इसके बाद नदी या तालाब में मूर्तियों को प्रवाहित कर दें।
  • सुहाग और श्रृंगार का सामान किसी सुहागन को दान करें।

पौराणिक महत्व

  • मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती की सैकड़ों सालों की तपस्या के बाद भगवान शिव ने उन्हें आज के ही दिन अपनाया था।
  • इस अवसर पर जो सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए सोलह श्रृंगार करके शिव-पार्वती की पूजा करती हैं उनका सौभाग्य बढ़ता है ऐसा भविष्य पुराण में बताया गया है।
लखनऊ। हरियाली तीज(Haryali Teej) देश भर में विशेषकर उत्तर भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। हिन्दूी धर्म में श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन को कज्जली तीज व्रत भी कहा जाता हैं। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। खास बात यह है कि इस बार हरियाली तीज पर विशेष संयोग…