हनीप्रीत और आदित्य की फरारी पर घिरे पंचकुला पुलिस कमिश्नर

हनीप्रीत और आदित्य की फरारी पर घिरे पंचकुला पुलिस कमिश्नर

पंचकूला। बलात्कार के दो मामलों में दोषी पाए जाने के बाद सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम के जेल जाने के बाद भी डेरा और हरियाणा पुलिस की परेशानियां कम नहीं हुई है। बलात्कारी बाबा के बाद उनके दो करीबी हनीप्रीत इंसा और आदित्य इंसा को गिरफ्तार करने के लिए हरियाणा पुलिस को एडी चोटी का दम लगाना पड़ रहा है। ये दोनों ही अंडरग्राउंड बताए जा रहे हैं, जिसके लिए हरियाणा पुलिस ने लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया है।दोनों की फरारी पर पंचकुला पुलिस कमिश्नर की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पुलिस द्वारा हनीप्रीत और डेरा के प्रवक्ता रहे आदित्य इंसा की गिरफ्तारी के लिए जारी किए गए लुकआउट नोटिस पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। हरियाणा पुलिस पर आरोप है कि अगर हनीप्रीत और आदित्य ने पंचकूला में हिंसा को भड़काने का काम किया था तो पुलिस ने अदालत से लेकर रोहतक जेल तक साथ रही हनीप्रीत को उस समय गिरफ्तार क्यो ​नहीं किया। उस समय पुलिस हनीप्रीत का पूरा सहयोग करती नजर आई थी। हालांकि ड्यूटी पर तैनात रहे पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि वे सिर्फ अपने सीनियर अधिकारी के आदेश का पालन कर रहे थे।

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मिली जानकारी के मुताबिक डेरा समर्थकों की ओर से की गई हिंसा के मामले में पंचकुला प्रशासन की ओर से सेक्टर-5 थाने में दर्ज करवाई गई एफआईआर में डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता डा. आदित्य इंसा और हनीप्रीत इंसा को आरोपी बनाया गया था। एफआईआर के दर्ज होने के बाद कई घंटों तक हनीप्रीत हरियाणा पुलिस की अभिरक्षा में रही लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके पीछे की क्या वजह थी? इस सवाल को लेकर पंचकुला पुलिस के कमिश्नर फंसते नजर आ रहे है क्योंकि सूत्र बताते हैं कि उनके ही आदेश के बाद हनीप्रीत को बाबा गुरूमीत के सा​थ हैलीकाप्टर में रोहतक जेल तक ले जाया गया था और पुलिस के वाहन से रोहतक जेल से डेरा मुख्यालय तक वापस छोड़ा गया था।

इस पूरे मामले में हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव राम निवास का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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आपको बता दें कि 25 अगस्त को शारीरिक शोषण के मामले में पंचकुला की सीबीआई विशेष अदालत में पेशी पर आए बाबा गुरूमीत को दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत परिसर में हनीप्रीत के इशारे पर निजी सुरक्षाकर्मी द्वारा करवाई गई फायरिंग को स्थानीय प्रशासन ने हिंसा को भड़काने का संकेत माना है। पंचकुला प्रशासन की ओर से दर्ज करवाई गई एफआईआर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हनीप्रीत इंसा जोकि बाबा के साथ अदालत में मौजूद थीं उन्होंने अदालत का फैसला आने के बाद कोर्ट रूम से बाहर निकलकर षड्यंत्र के तहत अपने निजी सुरक्षाकर्मी को इशारा देकर फा​यरिंग करवाई। जिसके बाद डेरा समर्थकों को हिंसा के लिए भड़काने का काम आदित्य इंसा ने किया।

इस मामले में दूसरा एंगल यह भी निकल के सामने आया है कि हनीप्रीत की योजना बाबा को जेल ले जाते समय फरार करवाने की थी। इसी योजना के तहत पंचकुला की सड़कों पर आगजनी और हिंसक प्रदर्शन किए गए थे। यह एक सोची समझी साजिश थी जिसे हरियाणा पुलिस ने उसी समय भांप लिया जब ​बाबा के निजी बॉडीगार्ड ने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक आईपीएस अधिकारी पर थप्पड़ चलाया था।जिसके बाद ही पुलिस ने बाबा को हैलीकॉप्टर से रोहतक जेल ले जाने का फैसला किया था।

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